Maharashtra News: उद्धव ठाकरे आज भी होते मुख्यमंत्री, पूर्व डिप्टी सीएम अजीत पवार ने ऐसा क्यों कहा

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने शिवसेना नहीं छोड़ी होती तो वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए होते. ठाकरे ने भुजबल के 75वें जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही.

महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजीत पवार ने उद्धव ठाकरे को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने एक बयान में कहा कि महाराष्ट्र संकट के दौरान उद्धव ठाकरे अगर छगन भुजबल की मदद ली होती, तो आज भी मुख्यमंत्री होते. पवार ने कहा, शिवसेना के 15 विधायकों के पार्टी से हटने पर उद्धव ठाकरे को छगन भुजबल (राकांपा नेता) की मदद लेनी चाहिए थी. उन्होंने कहा, अगर आपने उनसे संपर्क किया होता, तो आप महाराष्ट्र के सीएम होते.

2002 में संकट में घिरी विलासराव देशमुख की सरकार को भुजबल ने बचाया था

महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने राकांपा के गठन में भुजबल की भूमिका को याद किया और बताया कि कैसे उन्होंने 2002 में संकट में घिरी विलासराव देशमुख की सरकार को बचाने में अहम किरदार अदा किया था. पवार ने कहा, यदि उद्धव ठाकरे ने भुजबल की मदद ली होती, तो वह आज भी मुख्यमंत्री होते.

Also Read: शरद पवार के दोबारा अध्यक्ष बनने पर NCP में फूट? बैठक छोड़कर बाहर गए अजित पवार ने कह दी बड़ी बात

भुजबल शिवसेना न छोड़ते तो मुख्यमंत्री बन गए होते: उद्धव

इधर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने शिवसेना नहीं छोड़ी होती तो वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए होते. ठाकरे ने भुजबल के 75वें जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही. कार्यक्रम में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस के गठबंधन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के कई नेताओं ने शिरकत की.

मैं ऐसा व्यक्ति बन गया हूं, जिसे कोई झटका नहीं लगता : ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने कहा, अब मैं ऐसा व्यक्ति बन गया हूं, जिसे कोई झटका नहीं लगता. लेकिन जब भुजबल ने शिवसेना छोड़ी थी, तो मैं स्वीकार करता हूं कि हमारा परिवार स्तब्ध रह गया था. वह गुस्सा राजनीतिक था. हम लंबे समय तक इस बात को पचा नहीं पाए कि हमारे परिवार का एक सदस्य हमें छोड़कर चला गया है.

1990 में भुजबल ने शिवसेना छोड़कर थाम लिया था कांग्रेस का दामन

एक समय शिवसेना के तेजतर्रार नेता रहे भुजबल ने 1990 में बाल ठाकरे की पार्टी शिवसेना छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था. इसके बाद जब पवार ने राकांपा का गठन किया, तो वह उनके साथ चले गए.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >