बिहार में नीतीश कुमार का दम देखकर महाराष्ट्र की शिवसेना-NCP में आई जान, शरद पवार भी बना रहे सीक्रेट प्लान

बिहार में सत्ता परिवर्तन और नया गठबंधन (जदयू, राजद, कांग्रेस, वाम दल और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) बनने के बाद महाराष्ट्र में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात की है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 11, 2022 12:10 PM

नई दिल्ली : जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से नाता तोड़ने का दम दिखाकर देश में विपक्षी नेताओं की आंखें खोल दी है. बिहार की इस बड़ी राजनीतिक घटना से अभी हाल ही में महाराष्ट्र की सत्ता से बाहर हुई शिवसेना और राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में एक नई जान आ गई है. खबर है कि महाराष्ट्र की प्रमुख विपक्षी पार्टियों में शामिल एनसीपी ने फिलहाल महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में ही बने रहने की इच्छा जाहिर की है. इसके साथ ही, बताया यह भी जा रहा है कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार बिहार की घटना के बाद किसी सीक्रेट प्लान बनाने में जुट गए हैं.

शरद पवार ने उद्धव ठाकरे से की मुलाकात

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार में सत्ता परिवर्तन और नया गठबंधन (जदयू, राजद, कांग्रेस, वाम दल और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) बनने के बाद महाराष्ट्र में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात की है. शरद पवार और उद्धव ठाकरे की इस मुलाकाती बैठक में विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता अजित पवार, एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल और पूर्व मंत्री छगन भुजवल, सुनील तताकारे जैसे नेता शामिल थे. इन नेताओं ने ठाकरे के आधिकारिक आवास मातोश्री में करीब एक घंटे तक चर्चा की. खास बात यह है कि उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के बाद से ही एनसीपी और शिवसेना के बीच अब तक कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका था.

राजनीतिक एकता अस्तित्व बचाने के लिए जरूरी

एनसीपी और शिवसेना की इस गुप्त बैठक में शामिल होने वाले एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर मीडिया को बताया कि एनसीपी नेतृत्व का मानती है कि उद्धव ठाकरे को यह मानने की जरूरत है कि उनकी राजनीतिक एकता ही उनके अस्तित्व बचाए रखने के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा कि कानून लड़ाई लंबी चलने की संभावना है, लेकिन अगर सभी तीन दल साथ रहेंगे और मिलकर चुनाव लड़ेंगे तो राज्य में राजनीतिक फायदा भी उनके पक्ष में होगा.

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फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं नीतीश : महाराष्ट्र के मंत्री

इस बीच, बिहार के घटनाक्रम पर महाराष्ट्र मंत्री दीपक केसरकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष भी किया है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक चरण है. मेरा मतलब उनकी (सीएम नीतीश कुमार) आलोचना करना नहीं है. वे एक वरिष्ठ राजनेता हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की अच्छी सेवा की है, लेकिन अगर उन्हें लगता है कि उन्होंने गलत पार्टी चुनी है, तो वह अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते है.

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