'पीएम मोदी ने NCP को बताया था भ्रष्टाचारी', बोले शरद पवार- अजित के सरकार में शामिल होते ही सब हो गए आरोप मुक्त

Maharashtra NCP Crisis: एनसीपी में टूट और भतीजे अजित पवार की बगावत के बाद पार्टी सुप्रीमो शरद पवार ने कहा कि हम पार्टी को फिर से मजबूत करने के लिए काम करेंगे. बागी नेताओं के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर फैसला लेने के लिए विधायक और सभी वरिष्ठ नेता एक साथ बैठेंगे.

Maharashtra NCP Crisis: महाराष्ट्र की राजनीति में उठे सियासी भूचाल से महकमे में हलचल तेज हो गई है. अजित पवार की बगावत के बाद एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने मीडिया से बात की. अपने भतीजे के बगावत पर शरद पवार ने कहा कि दो दिन पहले पीएम मोदी ने एनसीपी को लेकर कहा था कि एनसीपी एक खत्म हो चुकी पार्टी है. साथ ही पीएम मोदी ने एनसीपी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था. शरद पवार ने पूरे मामले को लेकर बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि मेरे कुछ साथियों ने शपथ ली है. अब एनडीए सरकार में शामिल होने के बाद यह साफ है कि सभी आरोप मुक्त हो गए हैं’ मैं उनका आभारी हूं.

फिर से मजबूत करेंगे पार्टी- शरद पवार
NCP में टूट और भतीजे अजित पवार की बगावत के बाद पार्टी सुप्रीमो शरद पवार ने कहा कि हम पार्टी को फिर से मजबूत करने के लिए काम करेंगे. बागी नेताओं के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर फैसला लेने के लिए विधायक और सभी वरिष्ठ नेता एक साथ बैठेंगे. अध्यक्ष होने के नाते मैंने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को नियुक्त किया था लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया. इसलिए, मुझे उनके खिलाफ कुछ कार्रवाई करनी होगी.

अजित पवार के महाराष्ट्र में एनडीए सरकार में शामिल होने पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है. 1980 में मैं जिस पार्टी का नेतृत्व कर रहा था, उसके 58 विधायक थे, बाद में सभी चले गए और केवल 6 विधायक बचे, लेकिन मैंने संख्या को मजबूत किया और जिन्होंने मुझे छोड़ा वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में हार गए. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के बारे में फैसला करना स्पीकर का अधिकार है. अगले दो-तीन दिनों में हम स्थिति का आकलन करने के लिए कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के साथ बैठेंगे. हमारी मुख्य ताकत आम लोग हैं, उन्होंने हमें चुना है.

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि मेरे कुछ सहयोगियों ने अलग रुख अपनाया है. मैंने 6 जुलाई को सभी नेताओं की एक बैठक बुलाई थी जहां कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी और पार्टी के भीतर कुछ बदलाव किए जाने थे लेकिन उससे पहले बैठक में कुछ नेताओं ने अलग रुख अपनाया है. उन्होंने महाराष्ट्र राजनीतिक में हुए उलटफेर को लेकर कहा कि मुझे बहुत से लोगों के फोन आ रहे हैं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोगों ने मुझे फोन किया है. आज जो कुछ भी हुआ मुझे उसकी चिंता नहीं है. कल, मैं महाराष्ट्र के पूर्व सीएम वाईबी चव्हाण का आशीर्वाद लूंगा और एक सार्वजनिक बैठक करूंगा.

Also Read: ‘महाराष्ट्र में अब ट्रिपल इंजन की सरकार’, शिंदे कैबिनेट का होगा विस्तार, जानिए कौन-कौन नेता बने मंत्री

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >