Maharashtra Politics महाराष्ट्र में इन दिनों सत्ता परिवर्तन को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच दलबदल का खेल भी शुरू हो गया है. ताजा मामला तीन बार विधायक रहे व पूर्व मंत्री अशोक शिंदे से जुड़ा है. अशोक शिंदे (Ashok Shinde) मंगलवार को शिवसेना (Shiv Sena) का साथ छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गए है.
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसेना नेता और तीन बार के विधायक व पूर्व मंत्री अशोक शिंदे आज महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हो गए. अशोक शिंदे के कांग्रेस में शामिल होने से शिवसेना को बड़ा झटका लगा है. इससे पहले बीते महीने उत्तर भारतीयों के प्रमुख नेता और राज्य के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कृपा शंकर सिंह भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए थे. भाजपा में शामिल हुए सिंह 2008-2012 के दौरान मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर भी रहे थे.
कृपा शंकर सिंह ने 2019 में राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से इस्तीफा दिया था और उस वक्त से ही उनके भाजपा में शामिल होने के संकेत मिल रहे थे. भाजपा में कृपाशंकर सिंह का शामिल होना ऐसे वक्त में हो रहा है जब अगले साल बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चुनावों के लिए भाजपा सत्तारूढ़ शिवसेना को हराने के संकल्प के साथ मिशन 2022 अभियान पहले ही शुरू कर चुकी है.
वहीं, शिवसेना सांसद संजय राउत ने आरोप लगाते हाल ही में कहा था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय जनता पार्टी नए शामिल हुए लोगों की सहायता से शिवसेना को निशाना बनाना चाहती है. राउत का बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रसाद लाड ने शनिवार को कहा कि जरूरत पड़ने पर मुंबई के दादर स्थित शिवसेना भवन को गिरा दिया जाएगा. लाड पहले एनसीपी में थे और 2016 में भाजपा में शामिल हुए थे. उन्होंने बाद में खेद व्यक्त कर अपने बयान को वापस ले लिया और कहा कि उनकी बात को मीडिया ने तोड़ मरोड़कर पेश किया.
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