West Singbhum News : सफाई पर हर माह 15 लाख रुपये खर्च,
फिर भी गंदगी से बजबजा रहीं नालियां

चक्रधरपुर में स्वच्छता अभियान राम भरोसे. शहर के 17 वार्डों की सफाई का जिम्मा नप का

चक्रधरपुर . शहर की साफ-सफाई पर नगर परिषद हर माह 15 लाख रुपये से अधिक खर्च कर रही है. फिर भी शहर की नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं. यह नगर परिषद की विफलता को दर्शाता है. शहरवासियों का कहना है कि नालियों की नियमित रूप से सफाई नहीं हो रही है. इससे नालियां गंदगी से भर जाती हैं. चारों तरफ बदबू फैलती रहती है. नालियों की सफाई पर नगर परिषद की ओर से निगरानी ठीक से नहीं की जाती है. इससे सही तरीके से नालियों की सफाई नहीं हो रही है. नाली सफाई के काम में भ्रष्टाचार भी बड़ी समस्या बन गयी है. सफाई के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है. स्वच्छता अभियान राम भरोसे है.

नालियों की नहीं होती नियमित सफाई

: शहर में कुल 23 वार्ड हैं. इसमें छह वार्ड रेलवे के अधीन आता है. रेलवे क्षेत्र को छोड़ बाकी 17 वार्डों की सफाई का जिम्मा नगर परिषद का है. सफाई के काम में अव्यवस्था भी बड़ी समस्या है. शहरवासियों का कहना है कि सफाई कर्मचारी समय पर नालियों की सफाई नहीं करते हैं. कचरा भी ठीक से नहीं उठाते हैं. नालियों की गंदगी से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं. मच्छर पनप रहे हैं. शाम होते ही मच्छरों का काटना शुरू हो जाता है. इससे विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है.

गंदगी और बदबू से लोगों का जीना हुआ मुश्किल :

नालियों की सफाई नहीं होने से शहरवासियों को भी परेशानी हो रही है. गंदगी और बदबू से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. बीमारी होने का डर सता रहा है. चक्रधरपुर की मुख्य नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं. मारवाड़ी स्कूल से लेकर पवन चौक तक मुख्य नाली गंदगी से पटी है. तंबाकू पट्टी रोड, बाटा रोड, कपड़ा पट्टी रोड, ठठेरा मुहल्ला रोड, पुरानी रांची रोड, पोस्ट ऑफिस रोज, राजबाड़ी रोड, पवन चौक से असलम चौक तक, टोकलो रोड, भारत भवन से कुसुमकुंज तक शहर की मुख्य नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं. इन नालियों की सफाई नगर परिषद लंबे समय के अंतराल में कराती है.

नगर परिषद नहीं करती है निगरानी

नाली सफाई के काम में नगर परिषद नियमित निगरानी नहीं करती है. सफाई के काम में नगर परिषद के समक्ष अव्यवस्था को दूर करने की कोई योजना नहीं है. कुछ वार्डों में नगर परिषद द्वारा एक-एक सफाई कर्मचारी को भेज कर नालियों की सफाई करायी जाती है. इससे नालियों की बेहतर सफाई नहीं पाती है.

बारिश होने पर सड़कों पर बहता है दूषित पानी

शहर की मुख्य नालियों पर दुकान और मकान बनाकर पूरी तरह जाम कर दिया गया है. जिस व्यक्ति के घर से बाहर नाली गुजर रही है, उस नाली को पक्कीकरण कर दिया गया है. इस कारण सफाई कर्मचारियों को नालियों की सफाई करने में परेशानी होती है. मुख्य नालियों के उपर से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर परिषद द्वारा कई बार अभियान चलाया गया. इसके बाद भी नालियों का अतिक्रमण जारी है. बारिश होने पर नालियों का दूषित पानी सड़कों पर बहता है. सफाई के प्रति स्थानीय लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है. घरों की गंदगी को नालियों में डाल दिया जाता है. शहर के लिए यह गंभीर समस्या है. इसे दूर करने के लिए नगर परिषद को तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता है.

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Published by: Anuj kumar

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