चक्रधरपुर से अनिल तिवारी की रिपोर्ट
West Singhbhum News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री ट्रेनों की बदहाल स्थिति को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. राउरकेला-टाटानगर रेलखंड पर एक्सप्रेस ट्रेनों के 5 से 7 घंटे की देरी से चलने के कारण आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस मुद्दे को लेकर अब आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है.
कोल्हान रक्षा संघ की बैठक में उठी आवाज
रेलवे के कुप्रबंधन के खिलाफ शुक्रवार को चक्रधरपुर में कोल्हान रक्षा संघ के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक के बाद संघ के केंद्रीय अध्यक्ष डिबार जोंको और वरिष्ठ सदस्य रवींद्र मंडल ने प्रेस को संबोधित करते हुए रेलवे प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और चेतावनी दी.
रेलवे को संसाधनों से प्यार, लोगों से नहीं: डिबार जोंको
डिबार जोंको ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सारंडा क्षेत्र से रेलवे रोजाना करोड़ों रुपये का लौह अयस्क और मैंगनीज ढोता है, लेकिन यहां के लोगों को यात्रा के लिए बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलतीं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या स्थानीय लोग सिर्फ रेलवे की कमाई का जरिया बनकर रह गए हैं.
5 से 7 घंटे लेट चल रही हैं ट्रेनें
उन्होंने आरोप लगाया कि राउरकेला से टाटानगर के बीच एक्सप्रेस ट्रेनें लगातार 5 से 7 घंटे की देरी से चल रही हैं. यह स्थिति रेलवे प्रशासन, विशेषकर चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम की अक्षमता और तानाशाही को दर्शाती है. यात्रियों को घंटों प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और संसाधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं.
मालगाड़ियों को दी जा रही प्राथमिकता
रवींद्र मंडल ने कहा कि रेलवे प्रशासन जानबूझकर यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि अधिक मुनाफा कमाया जा सके. इसका खामियाजा आम यात्रियों, खासकर मरीजों और छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.
रेलवे को दी गई सख्त चेतावनी
कोल्हान रक्षा संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि रेलवे प्रशासन ने जल्द ही अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, तो जनता पटरियों पर उतरकर चक्का जाम करने को मजबूर होगी. संघ ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो सिंहभूम क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा.
केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय से जांच की मांग
संघ ने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय से मांग की है कि चक्रधरपुर मंडल के वर्तमान डीआरएम के कामकाज की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि कुप्रबंधन और अनुशासनहीनता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
कोल्हान रक्षा संघ की प्रमुख मांगें
- राउरकेला-टाटानगर रेलखंड पर ट्रेनों का समय पूर्व की तरह 3 घंटे सुनिश्चित किया जाए.
- यात्री ट्रेनों को मालगाड़ियों से पहले प्राथमिकता दी जाए.
- डीआरएम के कार्यों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए.
- स्थानीय स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं में तत्काल सुधार किया जाए.
इसे भी पढ़ें: मेदिनीनगर में 12 अप्रैल को होगा विराट हिंदू सम्मेलन, तैयारियां शुरू
बैठक में कई सदस्य रहे मौजूद
इस बैठक में महासचिव मानसिंह हेंब्रम, कोषाध्यक्ष जय सिंह हेंब्रम, जेसाई मारडी, टीएसी सदस्य और वनपट्टा झारखंड सरकार के सदस्य सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे. सभी ने एक स्वर में रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया.
इसे भी पढ़ें: बॉलीवुड की सोना महापात्र के लाइव कॉन्सर्ट में झूमेंगे सरायकेला के लोग, 11 अप्रैल से छऊ महोत्सव
