दुकानदारों को नप से एनओसी लेने के बाद मिलेगा लाइसेंस: सीएस
चाईबासा : सरकार की निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा शहर में बूचड़खाना बंद कराने से इस व्यवसाय में लगे लोगों की स्थिति दयनीय हो गयी है. मटन-चिकेन दुकानदार लाइसेंस बनवाने के लिए सदर अस्पताल की चक्कर काट रहे हैं.
दुकानदार गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे और मटन-चिकेन दुकान की लाइसेंस देने की मांग की. दुकानदारों ने कहा कि 17 दिन हो गये दुकान बंद हुए. दुकान बंद होने से घर चलाना मुश्किल हो गया है. 12-13 दिनों से लाइसेंस के लिए सदर अस्पताल का चक्कर काटना पड़ रहा है. दुकानदारों ने कहा कि लाइसेंस के लिए एसीएमओ कार्यालय में पांच-पांच सौ रुपये का चालान भरवा कर 1500 रुपये लिया गया है. लेकिन अब तक लाइसेंस नहीं दिया गया है.
दुकानदारों ने कहा कि एसीएमओ कार्यालय से जगन्नाथपुर, चक्रधरपुर आदि क्षेत्र के लगभग 45 मटन-चिकेन दुकानदारों का पांच-पांच हजार रुपये लेकर लाइसेंस बनवाकर दे दिया गया है. चाईबासा के दुकानदारों का लाइसेंस नहीं बनाया जा रहा है.
एसीएमओ डॉ जगत भूषण प्रसाद ने कहा कि प्रक्रिया के तहत लाइसेंस बनाया जायेगा. पहले तो दुकानदारों को नगर पर्षद कार्यालय से एनओसी लेना है. इसके बाद ही लाइसेंस की निर्गत किया जायेगा.
