रेडियो सेंटर से नक्सलियों को सूचना पहुंचाने का मामला
शपथ पत्र देंगे स्थानीय एंकर
टीम ने साफ कहा कि पूर्व के कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं
पांच अप्रैल से रेडियो कार्यक्रम प्रसारण को लेकर नया दिशा-निर्देश जारी
अब सभी कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग रखने का दिया गया आदेश
दिल्ली से पहुंचे सुरक्षा अधिकारी, एसपी के समक्ष रखा पक्ष
चाईबासा : चाईबासा रेडियो सेंटर से कोड वर्ड की मदद से नक्सलियों को सूचना पहुंचाने के मामले की जांच के लिए बुधवार को प्रसार भारती (दिल्ली) की दो सदस्यीय टीम चाईबासा पहुंची. मेजर तिवारी के नेतृत्व में पहुंची टीम दोपहर करीब 12:30 बजे प्रभारी स्टेशन डायरेक्टर के साथ एसपी अनीश गुप्ता से मिली. यहां करीब 20 मिनट तक वार्ता हुई.
इसमें एसपी ने अस्थायी एंकरों को रखने से पूर्व थाने से वेरीफिकेशन कराने का निर्देश दिया. वहीं लोकल भाषा के एकंरों से शपथ पत्र भराने को कहा. इसके तहत उनकी स्क्रिप्ट से किसी तरह की देशद्रोही सूचना प्रसारित होने पर वे जिम्मेवार होंगे. हिन्दी और अंग्रेजी में लिखी स्क्रिप्ट बिना किसी फेर बदल के स्थानीय भाषा में प्रसारित करेंगे. वहीं लाइव प्रसारण कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग की जायेगी. टीम के सदस्यों ने बताया कि पांच अप्रैल से प्रसारण को लेकर नये दिशा निर्देश जारी कर दिये गये हैं.
अब सभी लाइव प्रोग्राम का रिकॉर्ड रखने को कहा गया है. टीम ने एसपी को साफ कर दिया कि इसके पूर्व के लाइव प्रोग्राम की रिकार्डिंग नहीं रखी गयी है. इसके कारण वे उपलब्ध नहीं करा पायेंगे. इसके पूर्व टीम के सदस्य मामले की जांच कर रहे डीएसपी से मिले थे.
रेडियो सेंटर के कर्मचारियों से हुई पूछताछ
दिल्ली से आयी टीम ने सुबह आकाशवाणी के चाईबासा सेंटर में स्थायी व अस्थायी कर्मचारियों के साथ बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की.
कर्मचारियों से रेडियो के जरिये नक्सलियों को सूचना प्रदान करने के मामले में पूछताछ की गयी.
सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम भी चाईबासा पहुंची थी. केंद्र से नक्सली संदेश प्रसारित होने को लेकर कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की गयी. स्थानीय भाषा के कार्यक्रमों में फेर बदल, फिक्स प्वाइंट चार्ट में फेरबदल, एनजीओ को मनमाने तरीके से स्लॉट देने के संबंध में जानकारी ली.
