सभा में कोल परिवार से एक सदस्य को अनिवार्य रूप से उपस्थित होना था
खेवटदारी संपत्ति व कोल्हान की व्यवस्था खेवटदारी तरीके से करने का मामला
चाईबासा : खेवटदारी संपत्ति व कोल्हान की व्यवस्था खेवटदारी तरीके से करने के लिए पूर्व प्रशासनिक पदाधिकारी रामो बिरुवा 24 अप्रैल को गांधी मैदान में मालिकों का महान आगाज (कोल्हान रुमूल) सभा करने वाला था. इसमें उसने कोल्हान के कोल के प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था. उसी दिन कोल परिवारों की सूची देनी थी. इसे लेकर शहर से गांव-गांव तक पोस्टरबाजी की गयी थी. गांव मैदान में सभा का समय सुबह 9 बजे से चार बजे तक मुकर्रर था.
रामो बिरुवा खुद को खेवटदार (मालिक) संख्या एक कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट बताता था. इसमें नगरों का विस्तार नहीं होना, खनिजों का दोहन कोल्हानवासियों द्वारा करने, खदानों की नीलामी नहीं होने देने, मालिकों का लैंड बैंक होने, जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देने जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी थी.
असंवैधानिक रूप से निर्गत प्रमाण पत्रों को खारिज करने की मांग: रामो बिरुवा के खिलाफ शिकायत करने वाले पिलका के मुंडा कालीचरण बिरुवा ने मांग की है कि गैरकानूनी रूप से राजस्व वसूली मामले में जिस तरह रामो बिरुवा व उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया है. उसी तरह कोल्हान गवर्मेंट इस्टेट के नाम पर जारी जाति, आय, आवासीय, जन्म-मृत्यु व पहचान पत्र खारिज किया जाये. गांव देहात के भोले-भाले लोग व कई विद्यार्थी जल्दीबाजी में प्रमाण पत्र पाने के लिए इनके जाल में फंस गये थे. वहीं कई जगहों पर इन प्रमाण पत्रों को सही माना जा रहा है.
