बकरी शेड घोटाले में मुखिया का हाथ नहीं, विधायक शशिभूषण सामड ने कहा
चक्रधरपुर : मनरेगा से पंचायतों में निर्माण किये जाने वाले बकरी शेड में पैसों की लेनदेन में मुखियाओं का कोई हाथ नहीं है. बावजदू इसके चक्रधरपुर बीडीओ ने प्रखंड के 14 पूर्व मुखियों पर गबन का मामला दर्ज कराया है. उक्त बातें विधायक शशिभूषण सामड ने सोमवार को अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही. उन्होंने विभागीय जांच प्रतिवेदन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिले से जांच टीम भेज कर 18 पंचायतों में बन रहे बकरी शेड की करायी गयी है.
उसमें से 17 पंचायतों में गड़बड़ी मिली है, लेकिन सिर्फ 14 पर कार्रवाई करना भी संदेह होता है. उन्होंने कहा कि पूर्व मुखियाओं का कार्यकाल दिसंबर 2015 तक समाप्त हो चुका था. उसके बाद अप्रैल 2016 को बिल का भुगतान दिखाया गया है. इससे साफ जाहिर होता है कि बकरी शेड में मुखियाओं का भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा कि बीडीओ के डोंगल से वेंडर के यहां पैसा भेजा जाता है. बीडीओ ही एफटीओ करते हैं, उसके बाद बीपीओ द्वारा एमआइएस किया जाता है.
वहीं बकरी शेड निर्माण के लिए कनीय अभियंता प्राक्कलन तैयार करते हैं. प्राक्क्लन राशि के माध्यम से वेंडर सामग्री लाभुकों को पहुंचा कर शेड निर्माण करते है. बकरी शेड निर्माण में मजदूरों को रोजगार सेवक बैंक खाता के माध्यम से मजदूरी भुगतान किया जाता है. जिससे पैसों के गबन का मामला मुखियाओं पर नहीं बनता. मुखिया केवल अपने पंचायत में बने बकरी शेड अधूरा है या पूर्ण हुआ है, उसका सत्यापन करते हैं. विभाग अपने पदाधिकारी और कर्मचारियों को बचाने के लिए मुखियाओं को फंसा रहा है.
जबकि मामला बीडीओ, बीपीओ, जेई, वेंडर, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक पर बनता है. विधायक श्री सामड ने कहा कि उप विकास आयुक्त को मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए और दोषियों पर मामला दर्ज कराना चाहिए. संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय सचिव सुजीत प्रधान, कालिया जामुदा, भीमसेन होनहागा, विजय मुंडा, सरोज प्रधान, विनोद होनहागा, भुदेव महतो, कायरा हेंब्रम आदि मौजूद थे.
