नोवामुंडी : भूमि विवाद में भतीजों ने की चाचा की हत्या
नोवामुंडी : बाहा पर्व की रात हत्या के सात दिन बाद गीतिलोर निवासी विक्रम हेंब्रम का का सिर कटा शव गांव के पास जंगल में गड़ा हुआ मिला. नोवामुंडी पुलिस ने शनिवार को कब्र खोदकर शव को बरामद किया. हत्या के आरोप में मृतक के दो भतीजों मोरेन हेंब्रम और लंका हेंब्रम को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि भतीजों ने जमीन विवाद में चाचा का सिर काट दिया और सबूत छिपाने के लिए उसे जंगल में गाड़ दिया था. मामले के तीन अन्य आरोपी फरार बताये जा रहे हैं.
इस घटना का उदभेदन करने के लिए किरीबुरु के एसडीपीओ तौकिर आलम मौजूद थे. घटना स्थल पर कब्र से लाश निकालने के लिए दंडाधिकारी के रूप में नोवामुंडी के सीओ रवि किशोर राम, थाना प्रभारी बृजलाल राम, एएसआई उमेश प्रसाद समेत अन्य पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था.
एसपी से लगायी थी गुहार : घटना से भयभीत गीता हेंब्रम ने जान-माल की हिफाजत के लिए न्याय के लिए एसपी से गुहार लगायी थी. वह अभी अपने तीन छोटे-छोटे बच्चों के साथ नोवामुंडी थाने शरण ली हुई है. गौरतलब है कि गिरफ्तार मोरेन हेंब्रम एसपीओ गुरु हेंब्रम का पुत्र है. गुरु का एक बेटा लूट मामले में चाईबासा जेल में बंद है.
ये है मामला
घटना बीते 25 मार्च की है. उस दिन बाहा पर्व मनाया जा रहा था. विक्रम की पत्नी गीता के मुताबिक, रात के लगभग नौ बजे मोरेन हेंब्रम, भुइयां हेंब्रम, चेरेंगा पूर्ति व कुछ अन्य लोग उसके घर आये. वे सभी उसके पति विक्रम को अखरा में नाचने-गाने के नाम पर वहां से ले गये. गीता के अनुसार विक्रम को जबरदस्ती ले जाने के कुछ देर बाद चेरेंगा पूर्ति लौटकर आया
और घर से तलवार निकालकर यह कहते हुए ले गया कि विक्रम की हत्या कर देगा. चेरेंगा के जाने के बाद डर के मारे गीता अपने बच्चों के साथ घर से भाग गयी. लौटने पर उसने पाया कि घर से कुछ ही दूरी पर खून गिरा हुआ था. इससे उसका शक और चेरेंगा की धमकी पर उसे यकीन हो गया.
