चाईबासा/मनोहरपुर : प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) के लिए काम करने के संदेह में पश्चिम सिंहभूम पुलिस ने मनोहरपुर से छह लोगों को पूछताछ के लिये हिरासत में लिया है. इनमें एक डॉक्टर समेत अन्य पांच शामिल हैं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार मनोहरपुर के बरंगा गांव निवासी आरएमपी डॉ श्याम महतो को दो दिन पूर्व हिरासत में लिया गया था.
आनंदपुर के भालडेंगरी में उसकी डिस्पेंसरी है, जबकि बुनुमदा निवासी दीपक बड़ाईक को चार दिन पहले हिरासत में लिये जाने की सूचना है. ढोढरोबासा निवासी जावाविन टोप्पो व बिंजू गांव के एक युवक को भी हिरासत में लिया गया है. रविवार को भी दो लोगों को पूछताछ के लिये हिरासत में लिया गया है.
दीपक बड़ाईक के हिरासत में लिये जाने के बाद शुरू हुआ धर-पकड़ का सिलसिला : सूत्रों के मुताबिक पांच दिन पहले दीपक बड़ाईक को हिरासत में लिये जाने के बाद से अन्य लोगों को पूछताछ के लिये हिरासत में लिये जाने का सिलसिला शुरू हुआ. पुलिस इनपुट के आधार पर बड़ाईक को हिरासत में लिया गया है. चार दिनों पहले राउरकेला के एसपी ने भी मनोहरपुर आकर झारखंड पुलिस द्वारा हिरासत में लिये गये
नक्सलियों का सहयोगी…
दीपक बड़ाईक से पूछताछ की. इस दौरान बड़ाईक द्वारा कई अहम जानकारियां पुलिस को उपलब्ध करायी गयीं. पिछले दिने झारखंड के मनोहरपुर से सटे बिरसा थाना क्षेत्र में राउरकेला पुलिस ने झारंखड से मिले इनपुट के आधार पर 9 फरवरी को पीएलएफआइ नक्सली समीर पात्र व सचेत सिंह को मार गिराया था. इसके बाद से झारखंड पुलिस पीएलएफआइ के नक्सली व सहयोगियों के खिलाफ अभियान तेज कर दी थी. इस क्रम में इन डॉक्टर समेत लोगों को पूछताछ के लिये हिरासत में लिया गया है. रविवार को अन्य कुछ लोगों की तलाश में छापामारी अभियान चलायी हुयी थी.
नक्सली मामले में किसी को भी पूछताछ के लिये हिरासत में नहीं लिया गया है.
अनीश गुप्ता, एसपी पश्चिम सिंहभूम
मनोहरपुर के बरंग गांव का रहने वाला है आरएमपी डॉक्टर श्याम महतो, आनंदपुर में है डिस्पेंसरी
मनोहरपुर में राउरकेला के एसपी ने भी की पूछताछ, जिला पुलिस कर रही हिरासत में लिये जाने से इनकार
