मोबाइल बतायेगा शराब असली या नकली

आई निगमा एप से उपभोक्ता सरकारी शराब की कर सकेंगे जांच बार कोड के स्कैन करने पर मोबाइल पर दिखने लगेगा स्टीकर का नंबर लाइसेंसी दुकानों में बाहरी माल बिकने की जांच के लिए तैयार किया गया एप झारखंड में जेएसबीसीएल करती है निजी लाइसेंस दुकानों को शराब आपूर्ति चाईबासा : सरकारी शराब दुकानों में […]

आई निगमा एप से उपभोक्ता सरकारी शराब की कर सकेंगे जांच

बार कोड के स्कैन करने पर मोबाइल पर दिखने लगेगा स्टीकर का नंबर
लाइसेंसी दुकानों में बाहरी माल बिकने की जांच के लिए तैयार किया गया एप
झारखंड में जेएसबीसीएल करती है निजी लाइसेंस दुकानों को शराब आपूर्ति
चाईबासा : सरकारी शराब दुकानों में बिक रही शराब असली है या नकली, इसकी जांच आई निगमा नामक मोबाइल एप से हो सकेगी. झारखंड सरकार के उत्पाद एवं मद्यनिषेध विभाग के अधिकारी इसके माध्यम से शराब के असली और नकली होने की पड़ताल कर रहे हैं.
इसके लिए गूगल के प्ले स्टोर से आई-निगमा एप डाउनलोड करना होगा. यह एप सरकारी शराब की बोतल पर लगे स्टीकर के बार कोड स्कैन करने के साथ स्टीकर पर दर्ज नंबर बतायेगा. अगर मोबाइल पर दिख रहा नंबर व स्टीकर का नंबर एक समान है, तो शराब असली है.
लगातार मिल रही थी शिकायत
दरअसल उत्पाद विभाग को लगातार शिकायत मिल रही थी कि सरकारी शराब दुकानों में नकली शराब की बिक्री हो रही है. इसकी पड़ताल के लिए नयी तकनीक का सहारा लिया जा रहा है.
लाइसेंसी दुकानों में भी बिक रहा बाहरी माल
वर्तमान में झारखंड राज्य बीवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड(जेएसबीसीएल) के माध्यम से निजी लाइसेंस वाली दुकानों को शराब की आपूर्ति की जाती है. राजस्व में वृद्धि नहीं होने पर विभागीय पड़ताल की गयी. पता चला कि लाइसेंसी दुकानों में बाहर का माल धड़ल्ले से बेचा जा रहा है.
सरकारी दुकानों में बेची जा रही शराब की असलियत की जांच के लिए मोबाइल एप का सहारा लिया जा रहा है. इससे तुरंत रिजल्ट मिलता है. लोग इस सुविधा के जरिए शराब की गुणवत्ता की जांच आसानी से कर सकते हैं.
-सुधीर कुमार, जिला उत्पाद अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम

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