बीआरसी सदर में गैरआवासीय बुनियाद प्रशिक्षण में प्रशिक्षक ने कहा
चाईबासा : पहली व दूसरी के बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणितीय संक्रियाओं की समझ विकसित करना है. साथ ही वैसे बच्चों की पहचान करना है, जो पढ़ने, लिखने एवं अंक गणितीय संक्रियाओं में पिछड़ जाते हैं. बीआरसी सदर में सोमवार से शुरु हुयी पांच दिवसीय गैरआवासीय बुनियाद प्रशिक्षण देते हुये प्रशिक्षक कृष्णा देवगम और संजीव कुमार बालमुचु ने यह जानकारी दी. बताया गया कि पहली व दूसरी के बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करते हुए अध्यापन कार्य करना है, ताकि वे सहज होकर पढ़ाई गई बातों को ग्रहण कर सके. विद्यालय में नामांकन के शुरूआती दिनों में बच्चों से उनकी मातृभाषा में बात करने का प्रयास करना है,
ताकि वे बातों को आसानी से समझ सके. प्रशिक्षण के प्रथम दिन बुनियाद कार्यक्रम का परिचय व उद्देश्य भी बताया गया. प्रशिक्षण में संयुक्ता कुमारी, समीर कुमार सिंह, शिव कुमार सुंबरूई, यशमती पूर्ती, लक्ष्मी कुमारी, जैनेंद्र बिरुवा, अनीला सुंडी, उषा कोनगाड़ी, सुनील कुमार पासवान, श्रद्धा प्रसाद, श्रीमती सुशीला, सुधीर चंद्र महंता, अनिल कुमार सिंह, सुरेश प्रसाद सुरीन, सुरेंद्र पुर्ति, अग्नेश टोप्पो, नचिकेता सरकार, मो सराजुद्दीन, सीता माई पुरती, मंगलानी पुर्ती, पौलिन मुंडरी, सावित्री बानरा, खगेंद्र लेंका, आनंद मोहन समेत प्रखंड के विभिन्न प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया.
