क्षमता से अधिक कुपोषित बच्चों का हो रहा इलाज चाईबासा एमटीएस
चाईबासा : चाईबासा के सदर अस्ताल में चल रहे एमटीएस केंद्र में क्षमता से अधिक कुपोषित बच्चों का इलाज किया जा रहा है, वहीं अन्य तीनों केंद्रों में बेड आधे भी नहीं भर पाते हैं. चाईबासा एमटीएस में बेड की संख्या 20 होने के बावजूद औसतन यहां 30 कुपोषित बच्चों का इलाज चलता है. महीने […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
चाईबासा : चाईबासा के सदर अस्ताल में चल रहे एमटीएस केंद्र में क्षमता से अधिक कुपोषित बच्चों का इलाज किया जा रहा है, वहीं अन्य तीनों केंद्रों में बेड आधे भी नहीं भर पाते हैं. चाईबासा एमटीएस में बेड की संख्या 20 होने के बावजूद औसतन यहां 30 कुपोषित बच्चों का इलाज चलता है. महीने में तकरीबन 50 बच्चे यहां इलाज कराते हैं. अन्य तीनों एमटीएस में बेड की संख्या 10 होने के बावजूद औसतन 6 बेड खाली रहते हैं. मनोहरपुर व चिरिया में खोला जायेगा एमटीएस :
इस क्षेत्र में कुपोषण को देखते हुए जल्द ही मनोहरपुर व चिरिया में एमटीएस खोला जायेगा. मनोहरपुर में दस बेड के एमटीएस केंद्र खोलने के लिए सरकार की ओर से मंजूरी मिल चुकी है. एक से दो माह में शुरू होने की उम्मीद है. वहीं चिरिया में पांच बेड का एमटीएस सेल के सहयोग से खोले जाने की बात चल रही है.
जागरूकता की कमी मुख्य कारण : कुपोषण को पूरी तरह से खत्म करने में जिले में जागरुकता की कमी सबसे बड़ी बाधक है. गरीबी व जागरूकता के अभाव में बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं. इसके अलावा नशा भी एक बड़ी वजह है. जिला मुख्यालय के एमटीएस केंद्र को छोड़ अन्य एमटीएस केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग भी कुपोषित बच्चों को इलाज कराने के लिए लाने में विफल साबित हो रहा है.