फाइलेरिया की दवा खाली पेट में नहीं खायें: मो. हसन

चाईबासा : जिला मलेरिया विभाग द्वारा नौ फरवरी से शुरू होनेवाले फाइलेरिया पखवाड़ा अभियान की सफलता के लिए डायग्नोस्टिक सेंटर सभागार में सोमवार को सदर प्रखंड के एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया. मो. हसन फारूख ने प्रशिक्षण दिया. उन्होंने बताया कि यदि एक ही दिन में सभी लोगों को डीइसी की गोली खिलायी जाए, तो […]

चाईबासा : जिला मलेरिया विभाग द्वारा नौ फरवरी से शुरू होनेवाले फाइलेरिया पखवाड़ा अभियान की सफलता के लिए डायग्नोस्टिक सेंटर सभागार में सोमवार को सदर प्रखंड के एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया. मो. हसन फारूख ने प्रशिक्षण दिया. उन्होंने बताया कि यदि एक ही दिन में सभी लोगों को डीइसी की गोली खिलायी जाए, तो 80 से 90 प्रतिशत तक इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है. दवा लेने के बाद फाइलेरिया पीड़ित व्यक्ति को तेज बुखार की आशंका होती है.

इसे पारासिटामॉल से नियंत्रित किया जा सकता है. फाइलेरिया की दवा हमेशा भोजन के बाद लेना चाहिए. किसी भी स्थिति में खाली पेट में दवा न लें. गर्भवती महिलाओं को फाइलेरिया की दवा नहीं देना है. अत्यधिक वृद्ध, गंभीर रूप से बीमार और दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे को दवा नहीं देना है. उन्होंने बताया कि 2 से 5 वर्ष तक बच्चों को 100 एमजी की एक गोली, 6-14 वर्ष तक के लिए 200 एमजी की दो गोली और 15 से अधिक उम्र के व्यक्ति को 300 एमजी के 3 गोलियां देने की जानकारी दी.

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