नक्सली अभियान के लिए किराये पर मोटरसाइकिलें लेगी जिला पुलिस

2017 में नक्सलियों के खिलाफ वृहद स्तर पर चलेगा अभियान फिलहाल पुलिस के बेड़े में 330 वाहन, इनमें बाइकों की संख्या 140 सैट की दो टीमें नक्सल अभियान में इस्तेमाल करती हैं 70 बाइक बाइकों की मरम्मत के लिए सरकारी पेंच से पुलिस को मिलेगी मुक्ति वाहनों की संख्या बढ़ने पर सैट टीम के सदस्यों […]

2017 में नक्सलियों के खिलाफ वृहद स्तर पर चलेगा अभियान

फिलहाल पुलिस के बेड़े में 330 वाहन, इनमें बाइकों की संख्या 140
सैट की दो टीमें नक्सल अभियान में इस्तेमाल करती हैं 70 बाइक
बाइकों की मरम्मत के लिए सरकारी पेंच से पुलिस को मिलेगी मुक्ति
वाहनों की संख्या बढ़ने पर सैट टीम के सदस्यों की संख्या भी बढ़ेगी
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले में बीते एक साल के भीतर नक्सली घटनाएं बढ़ी हैं. जिले में बढ़ रही नक्सली गतिविधि पर अंकुश लगाने के लिए इस साल (2017) पुलिस एंटी नक्सल ऑपरेशन और तेज करने जा रही है. इसी के मद्देनजर जिला पुलिस अपने वाहनों के बेड़े में 100 से अधिक बाइक शामिल करेगी. इसके लिए बाइक मासिक व दैनिक भाड़े पर ली जायेगी. जिला पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली है. पिछले साल नक्सली अभियान के लिए पुलिस ने अपने बेड़े में 75 नयी बाइक को शामिल किया था. जिला पुलिस के बेड़े में चार पहिया व दो पहिया वाहनों की संख्या 330 के करीब है. इनमें बाइक की संख्या 145 के करीब बतायी जा रही है. इनमें 40 के करीब बाइक खराब हालत में हैं.
रख-रखाव की दिक्कतों से मिलेगी मुक्ति
जिले के बीहड़ों में बाइक से पुलिस व सीआरपीएफ की ओर से चलाये जाने वाले नक्सली अभियान के दौरान काफी बाइक खराब हो जाती हैं. इनकी मरम्मत में आने वाली दिक्कत को देखते हुए पुलिस अब बाइक भाड़े पर लेगी. पुलिस की शर्तों में बाइक आपूर्तिकर्ता को नयी व अच्छी हालत में बाइक देनी है. इनमें किसी समय तकनीकी खराबी आने पर 24 घंटे में आपूर्तिकर्ता को मरम्मत करानी होगी. मरम्मत व लुब्रीकेंट का खर्च का वहन वाहन मालिक को करना है. वृहद मरम्मती व अन्य तकनीकी कारणों से वाहनों को लंबे समय तक बाहर भेजने आदि की स्थिति में उसके स्थान पर आपूर्तिकर्ता को दूसरी बाइक 24 घंटे में उपलब्ध कराना है.
जिले में सुरक्षा बलों की 25 से अधिक कैंप
नक्सलियों के खिलाफ अभियान के लिए जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों के करीब 25 कैंप चलाये जा रहे हैं. इसमें पोड़ाहाट में 13 व सारंडा में 12 के करीब कैंप है. पुलिस सूत्रों के अनुसार 2017 में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज करने के लिए और नये कैंप खोले जा सकते हैं. इसमें कोल्हान वन क्षेत्र को शामिल किया जा सकता है. इन कैंपों तक पहुंचने के लिए जवान अधिकतर समय बाइक का इस्तेमाल करती है.
स्माॅल एक्शन टीम (सैट) की दो टीमों को मिली मोटरसाइकिल
नक्सलियों के खिलाफ बाइक से अभियान चलाने के लिए पुलिस की ओर से वर्तमान दो स्माॅल एक्शन टीम (सैट) का गठन किया गया है. इन टीमों के हिस्से 35-35 बाइक है. एक टीम जहां त्वरित सूचना पर सारंडा में कांबिंग चलाती है. वहीं दूसरी टीम पोड़ाहाट में कांबिंग ऑपरेशन को अंजाम देती है. वहीं बड़ी ऑपरेशन के दौरान दोनों टीमों को संयुक्त रूप से काम में लगाया जाता है.

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