चक्रधरपुर : चक्रधरपुर में मंगलवार को मध्य विद्यालय, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नव प्राथमिक विद्यालय व उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक-शिक्षिकाओं की मासिक गोष्ठी हुई. गोष्ठी में एमडीएम मुख्य विषय रहा. गोष्ठी की अध्यक्ष प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी श्रीमती तेजिंदर कौर ने किया. प्रारंभ में विश्व शांति के लिए मौन धारण किया गया तत्पश्चात सर्वधर्म प्रार्थना की गयी. उमवि अंचल कॉलोनी में आयोजित उक्त गोष्ठी में बड़ी संख्या में सीआरपी व शिक्षक उपस्थित हुए.
हर बच्चे का बैंक खाता अनिवार्य. बीइइओ श्रीमती कौर ने कहा कि स्कूल में पढ़ने वाले हर बच्चे का बैंक खाता खोला जाना अनिवार्य है. विद्यालय किट्स योजना के तहत वर्ग एक से आठ तक के बच्चों को स्कूल के उपयोगी सामग्री की राशि, विद्या लक्ष्मी योजना के तहत वर्ग 6 में अध्ययनरत एसटी एससी बच्चियों को राशि तथा छात्रवृत्ति मद की राशि बच्चों के बैंक खाते में ही सीधे भेजा जाना है. इसके लिए बैंक खाता खोलना अनिवार्य है. जिन बच्चों का बैंक खाता नहीं होगा,
उन्हें लाभ नहीं मिल पायेगा. उन्होंने कहा कि बैंक खाता नहीं खोलने वाले विद्यालय के शिक्षकों का वेतन स्थगन आदेश जारी हो सकता है. उन्होंने कहा कि बैंक खाता खुलवाने के बाद रिपोर्ट को जमा करने से पहले अच्छी तरह जांच कर लें. कई स्कूलों से गलत रिपोर्ट भेजी गयी है, जिससे जिला शिक्षा अधीक्षक ने स्पष्टीकरण पूछा है.
एमडीएम का संचालन नियमित हो. श्रीमती कौर ने कहा कि चावल उठाव की जो तिथि दी जाती है, उस तिथि पर उठाव कर लें. चावल या पैसे की कमी के कारण एमडीएम बंद नहीं होना चाहिए. यदि पैसा कम हो तो तत्काल लिखित सूचना दें. सूचना के बाद ही एमडीएम बंद कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी नियम सुविधा के लिए बनाये जाते हैं, इसलिए नियम का अनुपालन जरूर करें, सभी सुव्यवस्थित रहेगा. उन्होंने कहा कि बिना कारण लगातार तीन दिन या माह में पांच दिनों तक एमडीएम बंद रहता है तो संबंधित लोगों से भरपाई की जायेगी. एक आदेश विभाग की ओर से जारी किया गया है. एमडीएम बंद होने पर शिक्षक, समिति के सदस्य व सीआरपी सभी जिम्मेदार समझे जायेंगे.
प्राथमिक में 17 व मध्य में 24 पैसे की बढ़ोत्तरी. बीईईओ श्रीमती कौर ने बतायी कि एमडीएम का नया मेनू लागू होने पर प्राथमिक विद्यालयों के लिए मात्र 17 नया पैसा और मध्य विद्यालयों के लिए मात्र 24 नये पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है. प्राथमिक विद्यालयों में वर्ग एक से पांच तक के बच्चों के लिए पहले प्रति विद्यार्थी 3 रूपये 69 पैसे दिये जाते थे, उसे अब बढ़ा कर 3.86 पैसे कर दिये गये हैं. वहीं मध्य विद्यालय में वर्ग 6 से 8 तक के बच्चों के लिए प्रति छात्र 5 रूपये 54 पैसे दिये जाते थे, उसमें 24 पैसे की बढ़ोत्तरी कर 5 रूपये 78 पैसे कर दिये गये हैं.
अन्य कई और निर्देश दिये गये. बीईईओ श्रीमती कौर ने शिक्षकों को निर्देश देते हुए कही कि हर स्कूल में प्रयास रजिस्टर रखना जरूरी है. पुरे प्रखंड में सीसीई का संधारण में एकरूपता रहे. जिन सीआरसी में छात्राओं को कराटे प्रशिक्षण देने के लिए 6 हजार रूपये भेजे गये हैं, वहां कराटे की ट्रेनिंग दें. रोलाडीह व टोकलो में ट्रेनिंग दी जा रही है. संबंधित स्कूलों में विशेष प्रशिक्षण को जारी रखें. पोशाक क्रेय समिति गठन करने के बाद ही खरीदें. एसएमसी की बैठक में इसका निर्णय जरूर लें. पोशाक उपलब्ध कराने वाले को राशि का भुगतान चेक के माध्यम से ही करें. पोशाक जल्द खरीदें, क्योंकि उपयोगिता प्रमाण पत्र की मांग की जायेगी. बीईईओ ने कहा कि असैनिक निर्माण कार्य के लिए भी एक भवन निर्माण समिति का गठन कर लें. राशि की निकासी एक बार नहीं करें, आवश्यकतानुसार करें. जिसने भी अधिक राशि की निकासी की है, वे वापस जमा कर दें और जिसने राशि निकासी के बाद भी निर्माण कार्य पुरा नहीं किया है वह पुरा कर लें. जर्जर भवनों की रिपोर्ट जल्द दें. इसके अलावे सामाजिक अंकेक्षण, बजट का रिपोर्ट दें. पंजी में क्रम संख्या दर्ज कर अभिप्रमाणिक कर लें. कहा जिन स्कूलों को राशि मिली है व किसी कारण से भवन का निर्माण नहीं कराना चाहते हैं तो सूद समेत राशि को वापस लौटा दें.
