पटमदा : बोड़ाम प्रखंड के गेड़ुवा (चिरूगोड़ा) स्थित तारापदो मुर्मू उर्फ लेढ़ा के खेत में रविवार की रात दो हाथी की रहस्यमय तरीके से मौत हो गयी. मरने वाले हाथी में एक बड़ा व एक छोटा हाथी शामिल है. सूचना मिलने के बाद सोमवार सुबह दलमा वन क्षेत्र पदाधिकारी आरपी सिंह के नेतृत्व में वन अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की तहकीकात की.
पूछताछ करने पर खेत मालिक तारापदो मुर्मू ने रेंजर आरपी सिंह को बताया कि रविवार की सुबह वह अपने गेहूं के खेत में थाइमेट (कीटनाशक) दवा का स्प्रे किया था. इधर गांव के अन्य लोगों ने बताया कि पिछले दो दिनों का गेड़ुवा, चिरूगोड़ा, मिर्जाडीह आदि क्षेत्र में लगातार हाथियों का उत्पात जारी है. रविवार की रात आठ बजते ही लगभग डेढ़ दर्जन हाथियों का झुंड गेड़ुवा व चिरूगोड़ा गांव में घूस कर गांव के चारों अोर उत्पात मचाने लगा. दर्जन भर लोगों के खेत में लगे फसल रौंद डाला.
कर्इ घरों का दीवार ध्वस्त कर दिया. घर पर रखे धान, चावल आदि खा गये. हाथियों का यह सिलसिला सोमवार सुबह छह बजे तक जारी रहा. उसी हाथियों के झुंड में से दो हाथी की खेत में मौत हो गयी. बाकी बचे हाथियों का झुंड गेड़वा जंगल में भाग गये. हाथी के मरने की सूचना के बाद आसपास गांव के हजारों लोग दोनों मृत हाथी को देखने व पूजा पाठ के लिए उमड़ पड़े.
फॉरेस्ट विभाग ने पटमदा के पशु चिकित्सा पदाधिकारी वाइपी सिंह एवं भुइयांडीह के पशुचिकित्सा पदाधिकारी अखिलेश सिंह द्वारा दोनों मृत हाथियों का पहले पोस्टमार्टम कराया गया, इसके बाद दोनों हाथी को जेसीबी से तारापदो मुर्मू के खेत में गड्ढा खोद कर दफना दिया गया. इस मौके पर विभाग के वनपाल रवींद्र कुमार, सदानंद सिंह, तपन कुमार, वनरक्षी पूर्वी देवगम व कलेश्वर भगत शामिल थे.
