किरीबुरू : सारंडा के रोआम व घाटकुड़ी में 30-31 जनवरी की रात माओवादियों द्वारा सड़क निर्माण में लगे आठ वाहनों को फूंक दिये जाने की घटना के लगभग 38 घंटे बाद भी पुलिस घटना स्थल पर नहीं पहुंच पायी थी. इस कारण स्थल से जले वाहनों को नहीं हटाया जा सका. ग्रामीण भयभीत है.
घटना के बाद से सड़क एवं-पुल पुलिया का निर्माण कार्य ठप है. जिससे निर्माण में लगे सैकड़ों मजदूरों के सामने बेरोजगारी का संकट उत्पन्न हो गया है. नक्सलियों की रणनीति को देखते हुए पुलिस सतर्क है और जल्दबाजी नहीं करना चाहती. लगभग चार वर्ष पूर्व सारंडा के उसरूईया में सड़क निर्माण कार्य में लगे आधा दर्जन से अधिक वाहनों को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया था.
तब भी पुलिस दो दिन बाद घटना स्थल पर पहुंची थी. क्योंकि उस वक्त नक्सलियों ने पुलिस को नुकसान पहुंचाने के लिये समीप के जंगल में एंबुस लगा कर बैठे थे. जिसे पुलिस ने विफल
किया था.
