चाईबासा : सरकार की ओर से गरीबों के लिए दिया जाने वाला राशन साहब लोगों के पेट में जाता है. राशन व बीपीएल कार्ड में गरीबों के नाम के बदले अमीरों का नाम चढ़ा हुआ है. इन अनियमितताओं के कारण गरीब जनता सरकारी लाभ से वंचित हो रही है. मंगलवार को डीसी ऑफिस के सामने राशन कार्ड में अनियमितता को लेकर आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आदिवासी क्रांतिकारी माहसभा के अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा ने उक्त बातें कही.
धरना में झींकपानी प्रखंड के कई गांव से ग्रामीणों ने भाग लिया. सरकारी राशन कहां जाता है, साहब लोगों के पेट में जाता है के नारों से ग्रामीणों ने अपना रोष जताया. धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप साल 2011 में जनगणना में बरती गयी भारी अनियमितता के कारण ग्रामीणों के नाम राशन कार्ड व बीपीएल की सूची में शामिल नहीं करने, झींकपानी प्रखंड के चार गांव जोड़ापोखर, कुदाहातु तथा अन्य दो गांवों को शहरी इलाके में रखने से ग्रामीणों को सरकारी लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है. ग्रामीणों की मांग है कि गांवों का शहरीकरण नहीं किया जाये. राशन कार्ड और बीपीएल कार्ड की सूची सही तरीके से तैयार की जाये. सरकार द्वारा गरीबों के लिये बनाए गये प्रावधानों का प्रयोग गरीबों द्वारा ही की जाये.
