पारंपरिक खेती पर ध्यान देने की जरूरत : मुंडा

चाईबासा : मरसल विकास केंद्र के तत्वाधान में हातु गुटी कुमुटी दिलाड (ग्रामीण संगठन दिवस) नोवामुंडी प्रखंड के ग्राम सोरबई में आयोजित किया गया. इसमें बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित ग्रामीण मुंडा गुरू चरण लागुरी ने कहा कि हमारी संस्कृति जंगल, जमीन से संबंधित है. सभी ग्रामीण मुंडा एवं ग्रमीणों को जंगल की रक्षा करनी चाहिए. […]

चाईबासा : मरसल विकास केंद्र के तत्वाधान में हातु गुटी कुमुटी दिलाड (ग्रामीण संगठन दिवस) नोवामुंडी प्रखंड के ग्राम सोरबई में आयोजित किया गया. इसमें बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित ग्रामीण मुंडा गुरू चरण लागुरी ने कहा कि हमारी संस्कृति जंगल, जमीन से संबंधित है. सभी ग्रामीण मुंडा एवं ग्रमीणों को जंगल की रक्षा करनी चाहिए. साथ में हमारी पारंपरिक खेती पर भी ध्यान देना अनिवार्य है.

पारंपरिक बीजों के उपयोग से पर्यावरण एवं आदिवासी आजीविका चलती रहेगी. मौके पर फादर अगुस्तीन कुल्लू ने कहा कि मरसल विकास केंद्र आदिवासी एवं गरीब लोगों के जल, जंगल संस्कृति को सशक्तिकरण करने का काम करती है. वहीं करसल विकास केंद्र के सचिव राजेंद्र राउत ने कहा कि भाषण में ग्रामीण संगठनों को मजबूत करने का अाह्वान किया एवं ग्रामीण मुंडाओं को सहयोग करने की अपील की.
मौके पर पतरास पूरती, हिरशचंद्र लागुरी, दुवरसाई मुंडा लक्ष्मण केराई, बुरू राईका मुंडा काशीनाथ दिग्गी, मेंजाति पूरती, भूतपूर्व सरपंच जगदर्शन दास, लादुरा करोवा, जयराम केराई, मंजू बोयपाई, सुनिता लागुरी, कृष्ण् चंद्र गोप, फ्रांसिस हेम्ब्रोम, रसिका केराई आदि उपस्थित थे.

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