एकजुटता ही समाज की पहचान
चाईबासा : समाज की एकजुटता ही उसकी पहचान होती है. जबतक समाज में एकजुटता नहीं होगी, तब किसी भी समस्या का हल नहीं हो सकता है. उक्त बातें शहर के उद्योगपति मुकुंद रूंगटा ने हो महासभा की ओर से खूंटकाटी मैदान में आयोजित उपरूम जुमूर कार्यक्रम के दौरान बतौर अतिथि के तौर पर कहीं. उन्होंने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है. इसको बरकरार रखना हमारा दायित्व है. उन्होंने हो समाज की सराहना करते हुए उपरूम जुमूर समारोह को बेहतर बताया.
मौके पर टीसीएस के सचिव उर्मिला एक्का ने कहा कि हमारी भाषा पर हमें गर्व होनी चाहिए. आदिवासी होने पर भी हमें गर्व महसूस करनी चाहिए. प्राकृतिक ने हमें सब कुछ दिया है, इसको संभाल कर रखना आदिवासी समाज को जरूरत है. समाज में बुराई को मिटाना हमारा फर्ज है तथा अच्छाई को लाना हमारी जिम्मेदारी है. टाटा स्टील की सदस्य बाहालेन चांपिया ने भी समाज हित में अपनी बातें रखी. समाज के लिये बेहतर कार्य करने वाले लोगों को सम्मान भी दिया गया.
मौके पर मुख्य रूप से आदिवासी हो समाज के अध्यक्ष कृष्णा बोदरा, हो युवा समाज के अध्यक्ष भूषण पाट पिंगुवा, नरेश देवगम, राउतु पूरती, किपील समाड, सुरना बुडीउली, प्रधान बानसिंह, आरमान जामुदा, रमेश बोदरा, रोमा राम चांपिया, दास राम गरदा, मनोज सोय के अलावा समाज के अन्य सम्मानित सदस्य उपस्थित थे.
हजारों लोग हुए शामिल. खूंटकाटी मैदान में आयोजित उमरूम जुमूर में कोल्हान के आदिवासी समाज के हजारों लोग शामिल हुए. चाईबासा, चक्रधरपुर, बंदगांव, जमशेदपुर, सरायकेला, जगन्नाथपुर, झींकपानी समेत अन्य शहरों से लोग पहुंचे थे.
जुमूर में लगा स्टॉल. उपरूम जुमूर में आदिवासी समाज के इतिहास से जुडे प्रसिद्ध लेखकों के किताब का स्टॉल लगाया गया. स्टॉल से समाज के युवा वर्ग के लोग अपनी लिपि के पुस्तक खरीदने में दिलचस्पी ले रहे थे.
हजारों लोगों का खाना का था इंतजाम. हो समाज की ओर से हजारों लोगों का खाना का इंतजाम किया गया था. इसमें दूर दराज से पहुंच आदिवासी समाज के सदस्यों को खिलाया गया.
