घरवालों ने किया भूमि से बेदखल, प्रशासन से लगायी हक दिलाने की गुहार

चाईबासा : ब्रेन हैमरेज के शिकार शंभू जेना व उसकी पत्नी भारती जेना को उनके ही हिस्से की जमीन से उनके भाई ने बेदखल कर दिया है. शंभू जेना के चार भाइयों में से दो भाई ओड़िशा में कार्यरत हैं, जबकि अन्य दो भाई बाबूलाल जेना और क्षितिज जेना चाईबासा में रह रहे हैं. शिकायतकर्ता […]

चाईबासा : ब्रेन हैमरेज के शिकार शंभू जेना व उसकी पत्नी भारती जेना को उनके ही हिस्से की जमीन से उनके भाई ने बेदखल कर दिया है.

शंभू जेना के चार भाइयों में से दो भाई ओड़िशा में कार्यरत हैं, जबकि अन्य दो भाई बाबूलाल जेना और क्षितिज जेना चाईबासा में रह रहे हैं. शिकायतकर्ता भारती जेना का कहना है कि ससुर के नाम की जमीन पर सबका बराबर का हिस्सा है, परंतु छल करके उसके देवर उनकी जमीन पर अपना घर निर्माण कर रहे हैं. शंभू जेना को उसकी जमीन से बेदखल का दिया गया है.
इसका विरोध करने पर उन्होंने काम रोकने से साफ इनकार कर दिया. पति शंभू जेना वाटर फील्टर हाउस में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं. अगले साल सेवानिवृत्त हो जायेगें. अभी जिस घर में हैं, वह सरकार की जमीन पर बना मिट्टी का घर है. घर पर दो जवान बेटे और बेटी है. एक बेटा पंजाब में छोटे मोटे काम करता है और दूसरा बेटा अभी छोटा है. दोनों पति पत्नी शारीरिक तौर पर असहाय हैं. हर महीने दोनों की दवाई पर पांच हजार से ऊपर खर्च हो जाता है.
भारती जेना ने बताया कि घर का पारिवारिक मामला है, इसलिये समझा बुझाकर बात को दबाने की उन्होंने कोशिश की थी, परंतु देवर ने यह कहा कि शंभू के पास सरकारी नौकरी है, जमीन पर हक देने से इनकार कर दिया. एसडीओ के पास आठ जनवरी को इस पर शिकायत की गयी थी.
कानून के तहत 144 की धारा वहां पर लागू कर दी गयी, परंतु उस जगह में अब भी घर बनने का काम चालू है. काम को रोका नहीं गया है. भारती जेना और उसके पति शंभू जेना ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें उनकी जमीन पर हक दिलायी जाये, ताकि इस इस उम्र में इधर-उधर भटकना ना पड़े.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >