चक्रधरपुर : चक्रधरपुर का तनावपूर्ण वातावरण से विद्यार्थियों को काफी नुकसान हो रहा है. उन्हें स्कूल, कॉलेज या फिर ट्यूशन सेंटर तक अभिभावक ने तीन दिनों तक जाने नहीं दिये. चौथे दिन छह जनवरी को कुछ विद्यार्थियों ने शिक्षण केंद्रों में जाकर पढ़ाई की, लेकिन घर के बड़ों का दिल बच्चों पर ही लगा हुआ था.
चक्रधरपुर में हमेशा सौहार्द का वातावरण रहा है. विद्यार्थी भी एक साथ पढ़ाई करते हैं. छह जनवरी की शाम चार धर्म की चार छात्राएं प्रभात खबर दफ्तर में आयीं और अपील भरे लफ्जों में कहा, हमारी बातें शहर वासियों तक पहुंचा दें. छात्रा कल्पना सिन्हा, छात्रा मुस्कान, छात्रा कृति मुच्छल और छात्रा सुमन गागराई चारों आपस में सहेली है, एक साथ पढ़ाई करती हैं, लेकिन पिछले तीन दिनों से उनकी पढ़ाई नहीं हो पाई थी. चारों ने कहा, हम मिल कर क्यों नहीं रहते हैं,
लड़ें नहीं और दूसरों को लड़ायें भी नहीं. हम बच्चों को धर्म के नाम पर नुकसान क्युं पहुंचा रहे हैं. हमें पढ़ने दें, फरवरी-मार्च में हमारी परीक्षाएं हैं. हम लड़ते रहेंगे, डर-डर के जीते रहेंगे, तो नुकसान सबसे ज्यादा हम बच्चों का होगा. बड़े लड़ेंगे और बच्चों का नुकसान होगा, तो यह कैसी परवरिश होगी. लड़ाई झगड़े के कारण हमारी पढ़ाई बाधित होगी, रिजल्ट खराब होगा,
बच्चों के स्वच्छ मन में घृणा का बीज बोयेंगे, तो हम बच्चे देश का भविष्य कैसे बनेंगे. ऐसे में देश का विकास नहीं, विनाश होगा. छात्राओं ने कहा हम चारों छात्राएं चार अलग अलग धर्म से हैं, हम शहर वासियों ने अपील करते हैं कि शहर के वातावरण को स्वच्छ रहने दें. हमें पढ़ने दें, लड़ने नहीं… सिर पर हमारी परीक्षाएं हैं.
