बिन बिजली-पानी के चल रहा स्वास्थ्य उपकेंद्र

मो नदीम जैंतगढ़ : स्वास्थय विभाग जहां एक ओर जननी सुरक्षा योजना अंतर्गत प्रसव, प्रसूती एवं नवजात बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रयासरत है, वहीं छोटी-छोटी समस्याओं के कारण विभाग की बेहतर योजनाएं भी सफल नहीं हो पा रहीं हैं. प्रसव के दौरान एंबुलेंस सेवा से लेकर नवजात बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि […]

मो नदीम
जैंतगढ़ : स्वास्थय विभाग जहां एक ओर जननी सुरक्षा योजना अंतर्गत प्रसव, प्रसूती एवं नवजात बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रयासरत है, वहीं छोटी-छोटी समस्याओं के कारण विभाग की बेहतर योजनाएं भी सफल नहीं हो पा रहीं हैं. प्रसव के दौरान एंबुलेंस सेवा से लेकर नवजात बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है. सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों, उपकोेंद्रों में कहीं पानी, तो कहीं बिजली के अभाव में मरीजों को अनेक समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है.
जगन्नाथपुर प्रखंड के पट्टाजैंत पंचायत अंतर्गत पोकाम गांव का स्वास्थ्य उपकेंद्र कुछ ऐसा ही हाल बयान कर रहा है. इस उपकेंद्र का चापाकल विगत तीन माह से खराब पड़ा है. साथ ही बिजली की समस्या भी शुरू से रही है. जब से स्वास्थ्य उपकेंद्र बना है, तब से अब तक बिजली के तार का कनेक्शन ही नहीं हो पाया है, जबकि बिजली का खंभा उपकेन्द्र से मात्र 500 किलोमीटर की दूरी पर है.
हालत यह है कि यहां कार्यरत एएनएम को एक किलोमीटर दूर जा कर पानी लाना पडता है. इससे मरीजों को खासकर प्रसव के दौरान प्रसूति माताओं को प्रयाप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. बिजली नहीं रहने से मरीज एवं उनके परिजन सहित स्वास्थ्यकर्मियों को गर्मी झेलनी पड़ती है. रात मे कोई प्रसव की मरीज आ जाये, तो फिर कैंडल लाइट प्रसव या लालटेन का सहारा लेकर प्रसव कराना पड़ेगा, लेकिन तीन माह के दौरान अब तक रात्रि को मरीज नहीं पहुंचे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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