सात विधायकों के पुतले की निकाली शव यात्रा

चाईबासा : आदिवासी सेंगल अभियान व झारखंड दिशोम पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को डोमिसाइल मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए पश्चिम सिंहभूम व सरायकेला-खरसावां जिला के सातों विधायकों की शव यात्रा निकाली गयी. चाईबासा विधायक दीपक बिरूवा, मंझगांव विधायक निरल पुरती, चक्रधरपुर विधायक शशि सामड, मनोहरपुर विधायक जोबा मांझी, खरसावां विधायक […]

चाईबासा : आदिवासी सेंगल अभियान व झारखंड दिशोम पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को डोमिसाइल मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए पश्चिम सिंहभूम व सरायकेला-खरसावां जिला के सातों विधायकों की शव यात्रा निकाली गयी.
चाईबासा विधायक दीपक बिरूवा, मंझगांव विधायक निरल पुरती, चक्रधरपुर विधायक शशि सामड, मनोहरपुर विधायक जोबा मांझी, खरसावां विधायक दशरथ गागराई, सरायकेला विधायक चम्पाई सोरेन व जग्गनाथपुर विधायक गीता कोड़ा की सांकेतिक शव यात्रा कचहरी तालाब से निकली गयी.
यह पोस्ट ऑफिस चौक, सदर थाना, शहीद पार्क, पेट्रोल पंप चौक, बस स्टैंड, बिरसा मुंडा चौक, जैन मार्केट चौंक, कोट रोड़ होते कचहरी के पास पहुंची थी. जहां शव का दाह संस्कार किया गया. आशा व जेडीपी के सदस्यों का कहना है कि हेमंत सरकार ने 14 माह के कार्यकाल में डोमिसाइल नीति को परिभाषित नहीं कर आदिवासी-मुलवासी के साथ बड़ा धोखा किया है. अब रघुवर सरकार वर्ष 2000 वाली डोमिसाइल नीति बनाने को आमदा है.
जबकि प्रमुख विपक्षी दल होने के बावजूद वह चुप्पी साधे हुई है. 17 अप्रैल को रांची राजभवन के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन सौपेंगे. शव यात्रा में भगवान सिंकू, विनोद गोप, सुबेदार बिरूवा, विरेंद्र बालमुचू, कृष्णा कुमार सिंकू, आशिष कुदादा, साइमन लागुरी, लक्ष्मी नारायण गागराई, संजय सावैंया, गुरा सिंकु, हवलदार गोप, शिबु पुरती, लक्ष्मी नारायण बोदरा, सुखलाल सामड, चम्पाई बोईपाई, राकेश पुरती, सेंगल सुम्बरूई, गोविंद चंद कारवा, राजेश बिरूली के अलावा सेंगल व जेडीपी के सदस्य उपस्थित थे.
अधिकांश स्कूल नहीं भेज रहे रिपोर्ट
ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई नहीं करता शिक्षा विभाग
सात स्कूलों ने दो साल में किया 241 नामांकन
मनोज कुमार
चाईबासा : शिक्षा अधिकार कानून (आरटीइ) का पश्चिमी सिंहभूम में जमकर धज्जियां उड़ायी गयी हैं. इस जिले में कुल 21 निजी स्कूल आरटीइ के दायरे में आते हैं.
इन 21 स्कूलों में से महज सात स्कूलों ने ही अपने-अपने स्कूलों में आरटीइ के तहत नामांकन करने की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपी है. शेष स्कूलों ने रिपोर्ट नहीं सौंपी है. स्कूलों ने रिपोर्ट नहीं सौंपी, इस पर शिक्षा विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी. आश्चर्य की बात है कि वर्ष 2013-14 तथा 2014-15 इन दो सालों में सात स्कूलों ने मिलकर मात्र 241 नामांकन किये हैं.
मनमाने ढंग से चल रहे 82 निजी स्कूल
जिले में कुल 82 निजी स्कूल गैर मान्यता प्राप्त हैं. इन 82 स्कूलों की सूची शिक्षा विभाग को प्राप्त है. 3 साल के अंदर इन स्कूलों को मानक पूरा करके सरकार से मान्यता प्राप्त करने का आदेश था. पर, इन स्कूलों की ओर से अब तक मान्यता प्राप्त संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की गयी. लिहाजा ये स्कूल पंजीकृत नहीं हो रहे हैं. इस कारण आरटीइ के दायरे से बाहर हो जा रहे हैं. शिक्षा विभाग की ओर से इन स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी. जबकि सरकार के आदेश के अनुसार इन स्कूलों की ओर मान्यता नहीं लेने पर स्कूलों को बंद कर देना था.
स्कूलों पर नकेल कसने का कोई आंकड़ा नहीं
निजी स्कूलों पर नकेल कसने के लिए कोई मीटिंग या बैठक हुई हो इसे लेकर कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है. अब जब मुख्यमंत्री की ओर से निजी स्कूलों पर सख्ती के लिए आदेश आया है तब 17 अप्रैल को निजी स्कूलों के साथ बैठक किया जा रहा है.
उपायुक्त से मिले भाजपाइ, जांच की मांग
चाईबासा : भारतीय जनता पार्टी नगर कमेटी ने बुधवार को उपायुक्त अबुबक्कर सिद्दीख पी से मिलकर निजी स्कूलो में आरटीइ के उल्लंघन की ओर से उनका ध्यान आकृष्ट कराया. विद्यालयों में री एडमिशन व वार्षिक शुल्क के नाम पर सरकार की रोक बावजूद राशि वसूलले जाने के अलावा सरकारी विद्यालयों में पोशाक वितरण में हो रही धांधली के शिकायत कर उपायुक्त से जांच कराने की मांग की गयी. डीसी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में नगर अध्यक्ष शुरू नंदी, दीपक शर्मा, ब्राजील सुंडी, राजेश, मानकी चंद्र दास आदि शामिल थे.
संत जेवियर्स स्कूल नहीं कर रहे का पालन : गीता
चाईबासा. टोंटो प्रमुख गीता सुंडी ने कहा है कि संत जेवियर्स स्कूल के सभी ब्रांच मनमानी कर रहे हैं. मेंटेनेंस और विकास शुल्क वसूला जा रहा है. खास दुकान से किताब व ड्रेस लेने का दवाब बनाया जाता है. शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं होती है. इस आशय का पत्र प्रमुख ने बुधवा को उपायुक्त को सौंपा है.

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