चाईबासा : मरने के बाद भी एक मजदूर की उपस्थित मनरेगा जॉब कार्ड में दिखायी गयी है. यहां तक की उसका वेतन की भी भुगतान किया गया है. यह मामला टोंटो प्रखंड के पुरनापानी पंचायत अंतर्गत डुंडूचू गांव का है. जागृति संगठन सेवा के संयोजक मानकी तुबिद का आरोप है कि गांव के सूरजा सुंडी की तीन साल पहले ही मौत चुकी है.
लेकिन गांव में मनरेगा योजना के तहत बागनाबासा स्कूल से मुख्य सड़क तक एक किमी मुरूम पथ निर्माण योजना में 6 फरवरी 2014 से 11 फरवरी 2014 तक उसके द्वारा काम किये जाने की बात दिखाकर हाजिरी बनायी गयी है. जबकि उसकी मौत उक्त तिथि से पूर्व ही हो गयी थी. इधर, स्व सुंडी की पत्नी तुलसी सुंडी ने इस योजना में काम नहीं करने की बात कही है. उन्होंने उपायुक्त से मामले की जांच की मांग की है.
