चाईबासा : ममता वाहन की हड़ताल से नवजातों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है. डेढ़ माह के दौरान पश्चिम सिंहभूम जिले में पांच नवजातों की मौत हो गयी है. मंगलवार को भी सदर प्रखंड के खूंटा गांव निवासी सुनीता तुबिद (25) की नवजात बच्ची की भी मौत ममता वाहन नहीं मिलने के कारण हो गयी.
परिजनों ने बताया कि ममता वाहन नहीं मिलने के कारण प्रसूता को निजी गाड़ी से सदर अस्पताल लाया जा रहा था. रास्ते में ही बच्ची का जन्म हुआ और जन्म के बाद ही बच्ची ने गाड़ी में ही दम तोड़ दिया. मां की हालत भी गंभीर है. सदर अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. सुबह आठ बजे सुनीता को प्रसव पीड़ा हुई. सहिया पार्वती बारी ने सदर एसडीओ को फोन किया. काफी देर इंतजार के बाद भी एसडीओ का फोन नहीं आया. इसके बाद निजी गाड़ी की व्यवस्था की गयी. तब तक चार घंटे बीत चुके थे. इधर एसडीओ असीम किस्पोट्टा ने बताया कि सहिया का फोन आया था. उसे किसी भी तरह पीएचसी में लाने को कहा था.
हड़ताल खत्म कराने को लेकर सिविल सजर्न को शीघ्र पहल करनी चाहिए. सिविल सजर्न डॉ जगतभूषण प्रसाद का कहना है कि ममता वाहन मालिकों से हड़ताल खत्म करने को कहा गया है. बीच में वार्ता भी हुई थी, पर सहमति नहीं बनी. ममता वाहन मालिकों को जितना पैसा मिलता है, कम से कम उतनी दूरी कवर करनी चाहिए.
