चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय को डिजिटली हमेशा अपडेट रहनेवाले विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त है. लेकिन हाल के दिनों में विश्वविद्यालय की वेबसाइट अपडेट नहीं हो रही है.
विवि में फिलहाल नये सत्र में नामांकन चल रहा है, लेकिन अब भी इसके एंटी रैगिंग सेल जैसी महत्वपूर्ण इकाई से संबंधित जानकारी को अपडेट नहीं किया गया है. साइंस के पूर्व डीन डॉ केसी डे को रिटायर हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन विवि की वेबसाइट में आज भी उनका नाम साइंस का डीन बताते हुए सेल के अध्यक्ष के रूप में दर्ज है. जिसके कारण कई बार असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है.
हालत यह है कि सोशल साइंस विभाग की डीन डॉ आशा मिश्रा कई महीने पूर्व महिला कॉलेज, चाईबासा की प्रभारी प्राचार्य बनकर वहां जा चुकी हैं, लेकिन बेवसाइट में अब भी वे सोशल साइंस की डीन के रूप में एंटी रैगिंग सेल की सदस्य बतायी जा रही हैं.
इसी प्रकार टाटा कॉलेज के गणित विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ केएन प्रधान को दो वर्ष से अधिक पहले जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज के प्रभारी प्रचार्य बनाकर भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब भी उनका नाम टाटा कॉलेज के गणित विभागाध्यक्ष के रूप में सेल के सदस्य के रूप में दर्ज है.
हिंदी की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ शशिलता भी करीब एक वर्ष पूर्व रिटायर हो चुकी हैं, लेकिन वेबसाइट में आज भी वे सेल में सदस्य के रूप में शामिल हैं. यही नहीं, वेबसाइट में विश्वविद्यालय के नये प्राचार्यों की जानकारी और उनके मोबाइल नंबर भी अब तक अपडेट नहीं किये गये हैं. विश्वविद्यालय के शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद बेवसाइट को अपडेट नहीं किया जाता है.
गलत जानकारी से भ्रम की स्थिति
कोल्हान विवि की वेबसाइट पर दी गई गलत जानकारी से लोगों में भ्रम की स्थिति बन रही है. वेबसाइट पर दिये गये नंबरों पर फोन करने से बात नहीं हो पा रही है. इसके अलावा सदस्य भी विवि में नहीं हैं, लेकिन उनके नाम कई महत्वपूर्ण कमेटियों में आज भी दर्ज हैं.
