जैंतगढ़ : क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित अति आवश्यक और अति महत्वपूर्ण योजना जलडीहा बिजली सब स्टेशन निर्माण का कार्य विगत चार माह से बंद है. मामू संघ के पूर्व अंचल अध्यक्ष जमादार लागुरी ने कहा यह परियोजना जितनी आवश्यक है उतनी ही विवादित भी हो गयी है. शुरू में निर्माण स्थल को लेकर विवाद हुआ. स्थल […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
जैंतगढ़ : क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित अति आवश्यक और अति महत्वपूर्ण योजना जलडीहा बिजली सब स्टेशन निर्माण का कार्य विगत चार माह से बंद है. मामू संघ के पूर्व अंचल अध्यक्ष जमादार लागुरी ने कहा यह परियोजना जितनी आवश्यक है उतनी ही विवादित भी हो गयी है. शुरू में निर्माण स्थल को लेकर विवाद हुआ. स्थल पर योजना का बोर्ड तक नहीं लगा है. मजदूरों ने आरोप लगाया उन्हें न समय पर और न ही सही मजदूरी मिलती है.
दर्जनों मजदूरों की दो-तीन माह की मजदूरी बकाया है.जैंतगढ़. क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित अति आवश्यक और अति महत्वपूर्ण योजना जलडीहा बिजली सब स्टेशन निर्माण का कार्य विगत चार माह से बंद है. मामू संघ के पूर्व अंचल अध्यक्ष जमादार लागुरी ने कहा यह परियोजना जितनी आवश्यक है उतनी ही विवादित भी हो गयी है. शुरू में निर्माण स्थल को लेकर विवाद हुआ. स्थल पर योजना का बोर्ड तक नहीं लगा है. मजदूरों ने आरोप लगाया उन्हें न समय पर और न ही सही मजदूरी मिलती है. दर्जनों मजदूरों की दो-तीन माह की मजदूरी बकाया है.
क्या है योजना का महत्व
हाटगम्हरिया से जैंतगढ़ तक के 100 से अधिक गांव हाटगम्हरिया ग्रिड पर निर्भर हैं. जैंतगढ़ हाटगम्हरिया के बीच कई जगह ब्रांच लाइनें होने के कारण हमेशा गड़बड़ी होती रहती है. रोजाना तार गिरना, आये दिन डिस्क इंसुलेटर पंक्चर होना आम बात है. ऐसे में लंबे समय से जैंतगढ़ में बिजली सब स्टेशन निर्माण की मांग उठती रही है.
प्रभावित क्षेत्र : करंजिया, छोटा महुलडीहा, काशिरा, सियाल जोड़ा, भनगांव, पट्टाजैंत, जैंतगढ़, मुंडुई व गुमरिया पंचायत के 50 से अधिक गांव इससे प्रभावि होंगे.
क्या है योजना का महत्व
हाटगम्हरिया से जैंतगढ़ तक के 100 से अधिक गांव हाटगम्हरिया ग्रिड पर निर्भर हैं. जैंतगढ़ हाटगम्हरिया के बीच कई जगह ब्रांच लाइनें होने के कारण हमेशा गड़बड़ी होती रहती है. रोजाना तार गिरना, आये दिन डिस्क इंसुलेटर पंक्चर होना आम बात है. ऐसे में लंबे समय से जैंतगढ़ में बिजली सब स्टेशन निर्माण की मांग उठती रही है.
प्रभावित क्षेत्र : करंजिया, छोटा महुलडीहा, काशिरा, सियाल जोड़ा, भनगांव, पट्टाजैंत, जैंतगढ़, मुंडुई व गुमरिया पंचायत के 50 से अधिक गांव इससे प्रभावि होंगे.