कलइया गांव के कई टोले अब भी बिजली से वंचित

जगन्नाथपुर : बिजली रानी कब आओगी, 20 वर्षों से कर रहे हैं इंतजार. भारत आजाद हुआ. झारखंड अलग राज्य भी बन गया, जगन्नाथपुर प्रखंड को अनुमंडल का दर्जा भी मिल गया, लेकिन यहां के ग्रामीणों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, शुद्ध पेयजल की सुविधा आजतक नहीं मिली. यह व्यथा है जगन्नाथपुर प्रखंड के कलइया गांव […]

जगन्नाथपुर : बिजली रानी कब आओगी, 20 वर्षों से कर रहे हैं इंतजार. भारत आजाद हुआ. झारखंड अलग राज्य भी बन गया, जगन्नाथपुर प्रखंड को अनुमंडल का दर्जा भी मिल गया, लेकिन यहां के ग्रामीणों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, शुद्ध पेयजल की सुविधा आजतक नहीं मिली. यह व्यथा है जगन्नाथपुर प्रखंड के कलइया गांव के संतड़ासाई सहित अनेक टोलों की.

ज्ञात हो कि यहां के ग्रामीणों ने पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, विधायक गीता कोड़ा, जिला विद्युत विभाग, नोवामुंडी, स्थानीय मुखिया सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तक को बिजली की समस्या से अवगत करा दिया, लेकिन उसे हल करने की अब तक किसी ने पहल भी नहीं की है, जिससे टोले के लोग अंधेरे में जीने को बाध्य हैं. इस टोले की मीना तिरिया का कहना है कि उनकी समस्या पर किसी का ध्यान नहीं है.

गांव में अनेक समस्याएं हैं जिनमें बिजली की समस्या सबसे गंभीर है. अगल-बगल के गांव-टोले बिजली की रौशनी में जगमगा रहे हैं लेकिन इस टोले के लोग आज भी ढिबरी युग में जी रहे हैं. आनंद तिरिया ने कहा कि वे बिजली की मांग कर-कर के थक गये हैं. अब इसका जवाब वे चुनाव में देंगे. डांगुवापोसी रेल क्षेत्र होने के बाद भी वे बिजली से वंचित हैं.

कलइया पंचायत के कप्तान तिरिया ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना आज भी कई गांवों तक नहीं पहुंच पायी है. टोले में जल्द से जल्द बिजली नहीं पहुंची तो ग्रामीण इसका जवाब चुनाव में देंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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