कागजों में सिमटीं चक्रधरपुर को जिला बनाने की घोषणाएं

चाईबासा : सुदूर क्षेत्र के गांवों का तेजी से विकास के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल को जिला बनाने की मांग वर्षों से चल रही है. कई बार चुनाव के दौरान इस मुद्दे को तेजी से उठाया जाता रहा. इसे लेकर राजनीति भी होती रही. सभी दलों के नेता इसका समर्थन करते रहे हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री […]

चाईबासा : सुदूर क्षेत्र के गांवों का तेजी से विकास के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल को जिला बनाने की मांग वर्षों से चल रही है. कई बार चुनाव के दौरान इस मुद्दे को तेजी से उठाया जाता रहा. इसे लेकर राजनीति भी होती रही. सभी दलों के नेता इसका समर्थन करते रहे हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश व भाजपा सांसद लक्ष्मण गिलुवा ने चक्रधरपुर को जिला बनाने की घोषणा तक कर दी, लेकिन यह आजतक कागजों में सिमट कर रह गया है.

जिले के कई गांवों से चाईबासा की दूरी 100 किमी है दरअसल सारंडा और पोड़ाहाट जंगल में बसे गांव के ग्रामीणों को जिला मुख्यालय चाईबासा आने-जाने में काफी कठिनाई होती है. इन्हें करीब 200 किमी दूरी तय कर आना-जाना पड़ता है. वहीं चक्रधरपुर से चाईबासा की दूरी 26 किलोमीटर है.
ऐसे में यहां के लोगों को सरकारी काम के लिए चाईबासा जाना पड़ता है. उन्हें इस काम में दिनभर लगा जाता है. चक्रधरपुर के जिला बनने से मनोहरपुर अनुमंडल बन जायेगा. मनोहरपुर, आनंदपुर, गुदड़ी और गोइलकेरा प्रखंड को मिलाकर अनुमंडल बनाया जा सकता है. यदि चक्रधरपुर जिला और मनोहरपुर अनुमंडल बनता है, तो यहां का विकास तेज गति से होगा.
… तो तीन नये प्रखंड भी बनेंगे
चक्रधरपुर जिला की घोषणा होते ही टोकलो, छोटानागरा और कराइकेला तीन नये प्रखंड बनेंगे. चक्रधरपुर अनुमंडल की जनता जिला बनाने की मांग कई सालों से कर रही है.

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