चाईबासा : मॉनसून की सुगबुगाहट के साथ डायरिया, हैजा, टायफायड, पीलिया, मलेरिया, डेंगू आदि बीमारी का भय सताने लगा है. मॉनसून अवधि में कुत्ता काटने, सर्पदंश तथा वज्रपात की घटनाएं बढ़ जाती है. इसे लेकर सुमंत मिश्र निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं झारखंड तथा अभियान निदेशक एनआरएचम ने सिविल सजर्न चाईबासा को अलर्ट जारी करने का आदेश दिया है.
इन बीमारियों से निबटने के लिए रैपिड रिस्पोंस टीम का गठन कर जरूरी स्वास्थ्य की व्यवस्था हर वक्त रखने का आदेश दिया गया है. दोनों वरीय अधिकारियों के आदेश के आलोक में सिविल सजर्न वीके तिवारी ने रैपिड रिस्पोंस टीम का गठन कर
दिया है. सभी प्रखंडों को अलर्ट का पत्र जारी कर प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में एहतियात बरतने का आदेश दिया है. रैपिड एक्शन टीम में डॉ वीके पंडित, संजय कुजूर, बीके पांडेय, अजमत अजीम को रखा गया है. मौसमी बीमारी व डेंगू के मरीज का पता चलते ही वे कंट्रोल की कार्रवाई करेंगे.
