ग्रीन स्टील पर टाटा स्टील का बड़ा दांव, झारखंड में करेगी 11,000 करोड़ का निवेश

Tata Steel Investment: टाटा स्टील झारखंड में ग्रीन स्टील प्रोजेक्ट्स के तहत करीब 11,000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने जा रही है. दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान झारखंड सरकार के साथ हुई बैठक में इस निवेश पर सहमति बनी और एलओआई पर हस्ताक्षर किए गए. हाइड्रोजन बेस्ड स्टील, कांबी मिल और टिनप्लेट प्रोजेक्ट्स से झारखंड की इंडस्ट्रियल कैपिसिटी बढ़ेगी. इससे जॉब, क्लीन टेक्नोलॉजी और ग्रीन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

Tata Steel Investment: ग्रीन स्टील पर टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील बड़ा दांव लगाने की तैयारी में जुट गई है. दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के शिखर सम्मेलन में झारखंड सरकार के साथ हुई बैठक में उसने राज्य में करीब 11,000 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने टाटा स्टील के टॉप अफसरों के साथ झारखंड में ग्रीन स्टील प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की. इस दौरान, टाटा स्टील ने झारखंड में नई ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी के तहत कुल 11,000 करोड़ रुपये के निवेश के अपने कमिटमेंट को दोहराया. इस निवेश से संबंधित लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) और को-ऑपरेशन एग्रीमेंट पर सिग्नेचर भी किए गए.

तीन प्रोजेक्ट्स पर होगा फोकस

इस प्रस्तावित निवेश के तहत टाटा स्टील तीन बड़े सेक्टर्स में काम करेगी. पहला, हाइड्रोजन आधारित डीआरआई और मेल्टिंग टेक्नोलॉजी में करीब 7,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इसका उद्देश्य स्टील प्रोडक्शन में कोयले की जगह क्लीन एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ाना है. दूसरा, कांबी मिल प्रोजेक्ट में लगभग 1,500 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे, जिससे हाई क्वालिटी वाले स्टील प्रोडक्ट्स का निर्माण संभव होगा. तीसरा, टिनप्लेट प्रोजेक्ट्स में करीब 2,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे झारखंड में मैन्युफैक्चरिंग कैपिसिटी और एक्सपोर्ट की संभावनाएं मजबूत होंगी.

नीदरलैंड और जर्मनी की टेक्नोलॉजी से बनेगा ग्रीन स्टील

इन सभी परियोजनाओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह इन्वॉर्नमेंट फ्रेंडली ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगी. टाटा स्टील इसमें नीदरलैंड और जर्मनी की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी. इससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी. इसके बाद झारखंड देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल होगा, जहां क्लीन इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन को प्राथमिकता दी जा रही है.

झारखंड बनेगा ग्रीन इंडस्ट्रियल बदलाव का केंद्र

इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार मजबूत इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, क्लीन टेक्नोलॉजी और लोकल जॉब क्रिएशन को हाईएस्ट प्रायोरिटी दे रही है. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील के साथ यह साझेदारी झारखंड की इंडस्ट्रियल कैपिसिटी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और झारखंड को ग्रीन इंडस्ट्रियल बदलाव का अग्रणी राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाएगी. मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि यह निवेश सिर्फ इंडस्ट्रीज को ही नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं के जॉब के अवसरों को भी मजबूत करेगा.

झारखंड के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को मिलेगी ताकत

टाटा स्टील का यह निवेश झारखंड की माइनिंग बेस्ड इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को मजबूत बनाएगा. इसके साथ ही ये प्रोजेक्ट्स ग्रीन एनर्जी, क्लाइमेट फ्रेंडली डेवलपमेंट और भारत के नेट-जीरो टारगेट को रफ्तार देने में भी अहम रोल निभाएगी. बैठक के दौरान हिताची कंपनी ने भी झारखंड में बिजली, हाई लेवल ग्रिडिंग और एडवांस्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश को लेकर अपना प्रस्ताव रखा, जिससे झारखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

बढ़ा निवेशकों का भरोसा

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ टाटा स्टील के एमडी और सीईओ टीवी नरेंद्रन, झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल की सीनियर इंडिया प्रतिनिधि सेसिलिया ओल्डने, वूमन पॉलिटिकल लीडर्स फोरम की अध्यक्ष सिलवाना कोन-मेहरिन, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से विराज मेहता, हिताची इंडिया के रिजनल हेड भारत कौशल और टेक महिंद्रा के आईएमईए डिवीजन चीफ साहिल नवीन मौजूद रहे.

मुख्यमंत्री को मिला ‘व्हाइट बैज’

इस दौरान वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ‘व्हाइट बैज’ देकर सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री की ओर से सहयोग का फॉर्मल लेटर भी सौंपा गया. यह सहयोग डब्ल्यूईएफ के सेंटर्स ऑफ एक्सिलेंस के अनुरूप तीन सेक्टर क्रिटिकल मिनरल्स और न्यू एनर्जी, क्लाइमेट और बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन पर बेस्ड है.

स्वीडन यात्रा के दिखने लगे नतीजे

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पिछली स्वीडन यात्रा के नतीजे भी अब सामने आने लगे हैं. स्वीडन ने झारखंड में अर्बन ट्रांसपोर्ट सहित कई सेक्टर में निवेश से संबंधित बातचीत आगे बढ़ाई है. जानकारी के अनुसार, अप्रैल में भारत और स्वीडन के बीच संभावित सहयोग और निवेश को लेकर एक राउंड टेबल मीटिंग आयोजित की जाएगी.

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झारखंड के लिए निवेश का नया युग

टाटा स्टील का यह 11,000 करोड़ रुपये का निवेश झारखंड को सिर्फ एक मिनरल स्टेट से आगे बढ़ाकर ग्रीन इंडस्ट्रियल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. इससे न केवल इन्वॉर्नमेंटल प्रोटेक्शन को बल मिलेगा, बल्कि राज्य में बड़े पैमाने पर जॉब, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और ग्लोबल इन्वेस्टर्स का भरोसा भी मजबूत होगा.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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