जलडेगा. प्रखंड के परबा पोमिया में झारखंड प्रदेश बिंझिया समाज विकास परिषद द्वारा बिंझिया महासभा का आयोजन किया गया. महासभा में समाज के सैकड़ों लोग जुटे और धर्म, संस्कृति, परंपरा एवं एकजुटता को मजबूत करने का संकल्प लिया. कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथियों ने मां विंध्यवासिनी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पूजा अर्चना कर किया गया. स्वागत भाषण बिंझिया समाज के प्रखंड अध्यक्ष जालंधर सिंह ने दिया. उन्होंने समाज की वर्तमान परिस्थितियों को रखते हुए समाज में एकजुटता पर बल दिया.
धर्म की रक्षा हम करें, धर्म हमारी रक्षा करेगा
मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष कौशल राज सिंह देव ने कहा कि आदिवासी समाज को विधर्मियों द्वारा दिग्भ्रमित कर धर्मांतरण का काम तेजी से किया जा रहा है. पूर्व में हमारे पूर्वजों ने धोती पहनकर धर्म की रक्षा की. परंतु आज शिक्षित एवं फुल पैंट पहनकर भी अपने धर्म की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, वीर सिदो-कान्हू जैसे वीर सपूतों ने धर्म एवं देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया और कभी विदेशी धर्म का पालन नहीं किया. आज लोभ-लालच देकर लोगों को दिग्भ्रमित कर धर्मांतरण कराया जा रहा है. इसे किसी भी सूरत में नहीं होने देना है. समाज को जगाने और धर्म के महत्व पर जागृत करने की जरूरत है. धर्म की रक्षा हम करेंगे, तो धर्म भी हमारी रक्षा करेगा. उन्होंने समाज से धर्म, संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाजों को एकजुट होकर बचाने का आह्वान किया.
शिक्षा, खेल और अंधविश्वास से दूरी पर जोरछत्तीसगढ़ से आये गोवाल सिंह ने कहा कि आदिवासी सनातन संस्कृति का अहम हिस्सा है, परंतु आज आदिवासी के नाम पर विधर्मियों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है. उन्होंने समाज को बच्चों की शिक्षा, खेलकूद पर जोर देने, अंधविश्वास एवं नशाखोरी से दूर रहने तथा समाज में एकजुटता बनाये रखने की अपील की. इस बीच समाज के ओडिसा प्रदेश अध्यक्ष गोकुला जी, बलिराम मांझी, प्रेमचंद बिंझिया, तपेश्वर सिंह, बुलू नाग सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया और सामाजिक-धार्मिक जागरूकता एवं अंधविश्वास से दूर रहने का आह्वान किया.
मंच संचालन तपेश्वर सिंह एवं केशव बिंझीया व धन्यवाद ज्ञापन जालंधर सिंह ने किया. कार्यक्रम में पूर्व मुख्य अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया. मौके पर उपस्थित लोगों ने एकजुटता का संकल्प लेते हुए समाज की उन्नति के लिए कार्य करने का प्रण लिया. कार्यक्रम में रामचंद्र सिंह, अशोक मांझी, मनिंदर सिंह, बलदेव सिंह, लीलामबर सिंह, मदन सिंह, नारायण मांझी, दिनबंधु सिंह, सुखदेव प्रधान, सत्यनारायण प्रधान, इदरीस कुल्ला, भीम सिंह, भुवाल सिंह, लक्ष्मण मांझी सहित बिंझीया समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे.
