सिमडेगा. सदर प्रखंड की बड़ाबरपानी पंचायत स्थित चिमटीघाट गांव में अब विकास की नयी तस्वीर उभरने लगी है. जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर, केलाघाघ डैम (छिंदा जलाशय) के समीप पहाड़ी क्षेत्र में बसा यह छोटा आदिवासी बहुल गांव प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर होने के बावजूद अब तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित था. लगभग 13 परिवारों और 72 की आबादी वाले इस गांव में सड़क और शुद्ध पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी. स्थिति की जानकारी मिलने पर उपायुक्त कंचन सिंह ने स्वयं गांव पहुंच कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया और ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं. इसके बाद संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिये गये. गांव तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क निर्माण की योजना पर काम शुरू करने की बात कही गयी है. इस क्रम में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा गांव में सोलर जलमीनार का निर्माण कराया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है. उपायुक्त की इस पहल से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है और चिमटीघाट गांव अब धीरे-धीरे विकास की राह पर अग्रसर होता नजर आ रहा है.
चिमटीघाट गांव में सोलर जलमीनार से मिली पेयजल सुविधा
उपायुक्त की पहल पर सड़क व पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की दिशा में बढ़े कदम
