सिमडेगा. सिमडेगा जिले ने बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत मनरेगा व जेएसएलपीएस के अभिसरण में कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक नयी उपलब्धि हासिल की है. जिले में उत्पादित आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप गुरुवार को यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना की गयी. इस खेप में 1322 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम शामिल हैं, जिन्हें किसानों से 42 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदा गया है, जो स्थानीय बाजार की तुलना में बेहतर मूल्य है. इस ऐतिहासिक निर्यात पहल में जेएसएलपीएस के तत्वाधान में सिमडेगा सदर प्रखंड की महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड तथा बानो प्रखंड की बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका रही. निर्यात प्रक्रिया एपीडा (कृषि एवं प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के अनुश्रवण व अनुमोदन में की गयी. कोलकाता एयरपोर्ट पर सिमडेगा से लंदन के लिए आम्रपाली आम की इस खेप का फ्लैग ऑफ समारोह आयोजित किया गया. मौके पर आयोजित वर्चुअल बैठक के माध्यम से उपायुक्त कंचन सिंह ने उपस्थित प्रतिनिधियों और दोनों किसान उत्पादक कंपनियों की महिला सदस्यों से संवाद किया. उपायुक्त ने निर्यात प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों और किसानों को मिलने वाले लाभ की जानकारी ली तथा इस उपलब्धि के लिए सभी संबंधित पक्षों को बधाई दी. इसके बाद वर्चुअल माध्यम से आमों की खेप को हरी झंडी दिखा कर लंदन के लिए रवाना किया गया. उन्होंने कहा कि सिमडेगा के किसानों, विशेषकर महिला कृषक उत्पादक समूहों द्वारा उत्पादित आम्रपाली आम का अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचना जिले के लिए गर्व का विषय है. यह उपलब्धि किसानों की मेहनत, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन व सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा जिले के अन्य कृषि उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के नये अवसर खुलेंगे. यह पहल न केवल सिमडेगा के किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के द्वार खोलेगी, बल्कि झारखंड के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
सिमडेगा के आम्रपाली आम की पहली खेप लंदन रवाना
बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत सिमडेगा ने कृषि निर्यात क्षेत्र में हासिल की नयी उपलब्धि
