सिमडेगा. जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बच्चों में जन्मजात बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार कराया जा रहा है. इसी क्रम में कुरडेग प्रखंड के चांडरीमुंडा निवासी जावलित साई व चंद्रकला पैंकरा की तीन वर्ष आठ माह की बेटी भूमिका कुमारी की नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान मोबाइल हेल्थ टीम ने जन्मजात हृदय रोग की पहचान की.
जांच में बीमारी का चला पता, बेहतर इलाज के लिए किया गया रेफर
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और समन्वय से भूमिका को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया. 10 अप्रैल 2026 को सदर अस्पताल, रांची में अमृता अस्पताल, कोच्चि की विशेषज्ञ टीम ने उसकी जांच की. इसके बाद उसे कोच्चि भेजा गया.
27 अप्रैल को हुई सफल हृदय शल्यक्रिया
कोच्चि में 27 अप्रैल को भूमिका की सफल हृदय शल्यक्रिया की गयी. स्वस्थ होने पर 30 अप्रैल को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी. भूमिका का पूरा इलाज आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से निःशुल्क हुआ. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पर इलाज का कोई बोझ नहीं पड़ा.
फॉलोअप में पूरी तरह स्वस्थ मिली भूमिका
बाद में सदर अस्पताल, सिमडेगा में फॉलोअप जांच के दौरान भूमिका पूरी तरह स्वस्थ पायी गयी. जिला प्रशासन ने कहा कि यह उपलब्धि समय पर बीमारी की पहचान, विभागीय समन्वय और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का परिणाम है.
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. भूमिका की स्वस्थ मुस्कान अब उसके परिवार के लिए नयी उम्मीद और बेहतर भविष्य का संदेश बन गयी है.
