सिमडेगा. राज हॉस्पिटल सिमडेगा में 26 वर्षीय युवक की गंभीर सिर की चोट और मस्तिष्क में बड़े रक्तस्राव की जटिल न्यूरोसर्जरी सफलतापूर्वक की गयी. अस्पताल में पहली बार डीकंप्रेसिव क्रैनिएक्टॉमी और इंट्राक्रैनियल हेमेटोमा एवैक्यूएशन किया गया.
31 अगस्त को गंभीर हालत में हुआ था भर्ती
कोचेडेगा निवासी युवक 31 अगस्त को गंभीर सिर की चोट के बाद बेहोशी, चेतना में बदलाव और शरीर के बायें हिस्से में कमजोरी की शिकायत के साथ भर्ती हुआ था. सीटी स्कैन में मस्तिष्क के दायें हिस्से में करीब पांच सेंटीमीटर का रक्तस्राव, सूजन और मिडलाइन शिफ्ट के संकेत मिले.
शुरुआत में युवक को दवाओं के साथ लगातार न्यूरोलॉजिकल निगरानी में रखा गया. स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने और दोबारा जांच में मस्तिष्क पर दबाव बढ़ने के संकेत मिलने पर दो सितंबर को आपातकालीन सर्जरी का निर्णय लिया गया.
डीकंप्रेसिव क्रैनिएक्टॉमी कर निकाला जमा रक्त
एमसीएच न्यूरोसर्जरी, रिम्स रांची के गोल्ड मेडलिस्ट व कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन डॉ दीपक कुमार के नेतृत्व में टीम ने डीकंप्रेसिव क्रैनिएक्टॉमी कर मस्तिष्क में जमा रक्त निकाला. इसका उद्देश्य मस्तिष्क पर बढ़े दबाव को कम करना और गंभीर क्षति की आशंका को रोकना था.
अब बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के ले रहा भोजन
सर्जरी के बाद मरीज को कुछ समय वेंटिलेटर पर रखा गया. अब वह बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के है, परिजनों को पहचान रहा है, बातचीत कर रहा है तथा मुंह से भोजन व तरल ले रहा है.
क्षेत्र में न्यूरोसर्जिकल सेवाओं के विस्तार की उम्मीद
अस्पताल प्रबंधन ने इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में गंभीर ब्रेन, स्पाइन और न्यूरोसर्जिकल आपातकालीन सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. निदेशक डॉ भानु प्रताप साहू ने कहा कि चुनौती जितनी बड़ी होती है, जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती है.
