सिमडेगा. कुरडेग प्रखंड के गोहरीडांड़ में कांग्रेस पार्टी की तरफ से मनरेगा बचाओ संग्राम, पेसा कानून नियमावली व एसआइआर को लेकर प्रखंडस्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया. शिविर में जिलाध्यक्ष सह सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा व महिला जिलाध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा मुख्य रूप से उपस्थित थे. शिविर के दौरान एसआइआर विषय पर जिप सदस्य सामरोम पॉल तोपनो, डॉ इम्तियाज हुसैन व सुचिता तिर्की ने सभी बीएलए को विस्तृत जानकारी दी. प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि मनरेगा और पेसा कानून आदिवासी एवं ग्रामीण समाज के अधिकारों की रक्षा करने वाला मजबूत कानून है. उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों की रोजी-रोटी से जुड़ा कानून है और पेसा ग्रामसभा को ताकत देता है. अगर इन कानूनों को कमजोर किया गया, तो इसका सीधा असर गांव, किसान व मजदूरों पर पड़ेगा. कांग्रेस पार्टी हर गांव, हर पंचायत में लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही है. उन्होंने बीएलए से आह्वान किया कि वह गांव-गांव जाकर योजनाओं की जानकारी दें और जनता की आवाज बनें. कार्यक्रम में कुरडेग प्रखंड अध्यक्ष तुलसी खलखो, पाकरटांड़ प्रखंड अध्यक्ष अजीत लकड़ा, 20 सूत्री उपाध्यक्ष मनोज जायसवाल, 20 सूत्री अध्यक्ष वाल्टर टोप्पो, मंडल अध्यक्ष प्रवीण खेस, कार्यकारी प्रखंड अध्यक्ष तेलेस्फोर टोप्पो, विधायक प्रतिनिधि एजाज अहमद, शकील अहमद, शीतल तिर्की, सांसद प्रतिनिधि देवनिस खलखो, विधायक प्रतिनिधि गुड्डू खान, दीपक जायसवाल आदि उपस्थित थे.
गरीब परिवारों के लिए सुरक्षा कवच है मनरेगा: जोसिमा
महिला जिलाध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि महिलाओं, आदिवासियों व गरीब परिवारों के लिए मनरेगा और पेसा कानून सुरक्षा कवच की तरह हैं. उन्होंने कहा कि जब गांव मजबूत होगा, तभी जिला और राज्य मजबूत होगा. महिलाओं की भागीदारी से ही योजनाओं का सही लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा. उन्होंने प्रशिक्षण को व्यावहारिक रूप से लागू करने और पंचायत स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.
