अब आसान हुआ स्कूल, अस्पताल और बाजार का सफर, 7.8 किमी सड़क से जुड़े कई गांव

सिमडेगा के बानो में 7.8 किमी नई सड़क से 8 गांवों की आवागमन समस्या दूर हुई. स्कूल, अस्पताल, बाजार और रोजगार की राह आसान हुई.

सिमडेगाः जिले में बानो प्रखंड के दूरस्थ गांवों में सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी आवागमन की परेशानी दूर हुई है. मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (MMGSY) के तहत बांकी से महाबुआंग तक 7.8 किमी लंबी सड़क का निर्माण पूरा होने से आसपास के कई गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिला है. सड़क बनने से ग्रामीणों के लिए बानो प्रखंड मुख्यालय और राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच भी आसान हो गई है.

आठ गांवों को मिली बेहतर सड़क सुविधा

ग्रामीण कार्य प्रमंडल, सिमडेगा द्वारा बांकी से महाबुआंग तक गंझूटोली, बुधवाटोली, कमलाबेरा, कमपुंडा, बहादा और हेलगढ़ा स्कूल होते हुए सड़क का निर्माण कराया गया है. इससे बांकी, गंझूटोली, बुधवाटोली, कमलाबेरा, कमपुंडा, बहादा, हेलगढ़ा और महाबुआंग की करीब 3,125 आबादी को सीधा लाभ मिला है. निर्माण से पहले सड़क की स्थिति खराब होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी होती थी.

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स्कूल और अस्पताल पहुंचना हुआ आसान

सड़क बनने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक पहुंचना आसान हुआ है. वहीं, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने-जाने में भी सुविधा मिल रही है. बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों की प्रखंड मुख्यालय तक आवाजाही सुगम हुई है. इससे जरूरी काम के लिए ग्रामीणों को पहले की तरह खराब रास्तों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है.

किसानों को बाजार तक पहुंचने में सहूलियत

सड़क सुविधा बेहतर होने का सीधा फायदा किसानों को भी मिल रहा है. अब धान, सब्जियों और फलों को बाजार तक पहुंचाना पहले की तुलना में आसान हुआ है. बेहतर संपर्क से ग्रामीणों के लिए बाजार और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी सुगम हुई है.

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निर्माण के दौरान गुणवत्ता का रखा गया ध्यान

सड़क निर्माण के दौरान कनीय अभियंता, सहायक अभियंता और कार्यपालक अभियंता ने नियमित रूप से काम का निरीक्षण किया. साथ ही सड़क की गुणवत्ता पर भी नजर रखी गई है. यह सड़क जिला प्रशासन, सिमडेगा के प्रयास से ग्रामीण क्षेत्र में बनकर तैयार हुई है. बांकी से महाबुआंग तक बनी यह सड़क ग्रामीणों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है. इससे लोगों को स्कूल, अस्पताल, बाजार और रोजगार के लिए आने-जाने में सुविधा हो रही है. किसानों को भी अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी. सड़क बनने से क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी.

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लेखक के बारे में

By अर्चना कुजूर

अर्चना कुजूर एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जो वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कार्यरत हैं. वह झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य की प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं. अर्चना ने वर्ष 2016 में क्राफ्ट फिल्म स्कूल, रोहिणी (नई दिल्ली) से टीवी जर्नलिज्म एंड न्यूज रीडिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा किया. इसके बाद उन्होंने नोएडा स्थित नेशनल वॉयस न्यूज और इंडिया वॉयस न्यूज चैनल (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) में इंटर्नशिप करने के साथ-साथ व्यावहारिक पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया.

झारखंड लौटने के बाद उन्होंने कशिश न्यूज चैनल में लगभग डेढ़ वर्ष तक आउटपुट विभाग में कॉपी राइटर के रूप में कार्य किया. इसके बाद रांची एक्सप्रेस में एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग की और प्रिंट पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया. वर्ष 2022 से उन्होंने न्यूज11 भारत और नक्षत्र न्यूज चैनल में लगभग दो-दो वर्षों तक डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए राज्य की राजनीति, शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, योजनाओं और समसामयिक विषयों पर हजारों समाचार और विशेष लेख लिखें.

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