सिमडेगा. प्रखंड के ओड़गा में ग्रामसभा की बैठक हुई, जिसमें डेलसेरा, जानुमटोली व दुडिंग गांव के लोग शामिल हुए. मौके पर कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी, विधायक प्रतिनिधि रावेल लकड़ा, प्रखंड अध्यक्ष सुशील जड़िया व सुनील सुरीन मुख्य रूप से उपस्थित थे. कार्यक्रम में मतदाता पुनरीक्षण, एसआइआर, पेशा नियमावली, ग्रामसभा के महत्व पर चर्चा की गयी. विधायक के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों व पारंपरिक रीति-रिवाजों से उनका स्वागत किया. महिलाओं व युवाओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया. विधायक ने कहा कि ग्रामसभा लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई है. गांव के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उन्होंने कहा कि पेशा कानून आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण कानून है. इसके तहत ग्राम सभा की सर्वोच्चता सुनिश्चित की गयी है. किसी भी परियोजना, खनन कार्य या भूमि अधिग्रहण से पूर्व ग्राम सभा की अनुमति अनिवार्य मानी गयी है. उन्होंने कहा कि पेशा कानून के माध्यम से आदिवासी संस्कृति, परंपराओं व सामुदायिक संरचनाओं को संवैधानिक मान्यता दी गयी है, जिससे स्थानीय पहचान व परंपराओं को संरक्षण मिलेगा. साथ ही लघु जल निकायों, स्थानीय बाजारों तथा गांव के बुनियादी विकास से जुड़े निर्णय अब गांव स्तर पर ग्राम सभा के माध्यम से लिये जा सकेंगे. नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अधिकार, सामाजिक न्याय व गांव के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करती रही है. ग्रामीणों से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने तथा जनहित के मुद्दों पर सजग रहने की अपील की गयी. इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, आवास समेत अन्य मूलभूत समस्याओं को विधायक के समक्ष रखा. विधायक ने संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए पहल करने का आश्वासन दिया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, पार्टी कार्यकर्ता व पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे.
ग्रामसभा लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई : विधायक
ग्रामसभा में मतदाता पुनरीक्षण, एसआइआर, पेसा नियमावली व ग्रामसभा के महत्व पर की चर्चा
