सिमडेगा : जिले के विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने झारखंड विस के सदन में खनन व औद्योगिक परियोजनाओं से प्रभावित स्थानीय रैयतों के अधिकारों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में कई खनन और औद्योगिक कार्य बाहरी कंपनियों द्वारा संचालित किये जा रहे हैं, जबकि इन परियोजनाओं के लिए जमीन स्थानीय क्षेत्र के रैयतों से अधिग्रहित की जाती है.
कंपनियां लगातार आर्थिक रूप से मजबूत हो रही
उन्होंने कहा कि परियोजनाओं से कंपनियां लगातार आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, लेकिन अपनी जमीन देने वाले स्थानीय रैयतों की स्थिति कई बार बदतर हो जाती है. जमीन व आजीविका खोने के बाद भी प्रभावित परिवारों को उनके अधिकार के अनुरूप लाभ और पुनर्वास नहीं मिल पाता है. सरकार से मांग की कि समता जजमेंट और पेसा नियमावली 2025 के प्रावधानों के अनुरूप स्थानीय रैयतों को परियोजनाओं में उचित हिस्सेदारी, बेहतर पुनर्वास और उनके अधिकारों का पूरा लाभ सुनिश्चित किया जाये.
सरकारी स्कूलों में छाता वितरण की मांग उठायी
विधायक ने क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई और सरकारी स्कूलों में छाता वितरण की मांग उठायी. विधायक ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भाषा, संस्कृति और पहचान के संरक्षण के लिए प्रावधान किये गये हैं. पूर्व में खड़िया, मुंडारी, हो समेत कई क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों में होती थी, लेकिन वर्तमान में यह पढ़ाई सीमित महाविद्यालयों तक सिमट गयी है. विधायक ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों का हवाला देते हुए सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया.
