सिमडेगा. वर्ष 2025 की विदाई व नववर्ष 2026 के आगमन के साथ ही जिले के युवाओं में नयी उम्मीदे, नये सपने और नये संकल्प देखने को मिल रहे हैं. शिक्षा, रोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण और सामाजिक बदलाव को लेकर युवाओं ने झारखंड सरकार से कई अपेक्षाएं हैं. अलग-अलग प्रखंडों के छात्रों व युवाओं ने प्रभात खबर परिचर्चा में नववर्ष पर अपनी बातें रखीं. गोपाल कुमार (स्नातक सेमेस्टर- 3) ने कहा कि नये वर्ष को लेकर मेरे मन में बेहतर भविष्य की उम्मीद है. बीते कई वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिलने से पढ़ाई में परेशानी हो रही है. झारखंड सरकार से अपील है कि 2026 में राज्य के छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध करायी जाये, ताकि छात्र अपनी पढ़ाई की आवश्यकताएं पूरी कर सकें. अंकित कुमार (बीए सेमेस्टर- 1) ने कहा कि सिमडेगा राज्य का पिछड़ा जिला है. यहां के गरीब छात्र बाहर जाकर मेडिकल की पढ़ाई नहीं कर पाते. नये वर्ष में सरकार से मेरी मांग है कि सिमडेगा जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाये. इससे यहां के छात्रों को बेहतर अवसर मिलेगा और स्वास्थ्य सुविधाएं भी सुदृढ़ होंगी. सूरज बड़ाइक (स्नातक सेमेस्टर- 2) ने कहा कि कोलेबिरा प्रखंड में आइटीआइ भवन कई वर्षों से बन कर तैयार है. लेकिन अब तक पढ़ाई शुरू नहीं हो पायी है. इससे स्थानीय युवाओं को नुकसान हो रहा है. नववर्ष 2026 में सरकार से उम्मीद है कि आइटीआइ की पढ़ाई जल्द शुरू कर युवाओं को तकनीकी शिक्षा का लाभ दिया जायेगा. संगम साहू (इंटर एसके बागे कॉलेज) ने कहा कि नया साल नये संकल्प के साथ काम करने का अवसर है. मैं अपनी पढ़ाई को और बेहतर करूंगा और समाज सेवा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ूंगा. झारखंड सरकार से अपेक्षा है कि शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो, गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ें और सिमडेगा में आइटीआइ व मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो. गोवर्धन सिंह (संत दोमनिक इंटर कॉलेज) ने कहा कि नववर्ष में पढ़ाई के साथ सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया है. सरकार से आग्रह है कि युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाये. तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण संस्थान उपलब्ध कराये जाये, ताकि युवा स्वरोजगार और रोजगार से जुड़ कर राज्य को सशक्त बना सकें. सुनीत तिर्की (ठेठईटांगर) ने कहा कि नये वर्ष में आत्मविश्वास और जोश के साथ आगे बढ़ने का संकल्प है. अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप कार्य कर भविष्य उज्ज्वल बनाना चाहता हूं. झारखंड सरकार से मांग है कि युवाओं के पलायन को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किये जाये. मुकेश सिंह (बीसीए, एआइएमएल) ने कहा कि सरकार को विश्वविद्यालयों में पठन-पाठन, प्रयोगशाला और सत्र नियमित करने पर ध्यान देना चाहिए. सिमडेगा जैसे पिछड़े जिले में आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान स्थापित हो. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण से यहां के विद्यार्थी भी बड़े सपने देख कर बेहतर जीवन का निर्माण कर सकते हैं. शिवम कुमार द्विवेदी (बीए सेमेस्टर-1) ने कहा कि राज्य बने 25 वर्ष बीतने के बाद भी युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ रहा है. सरकार को रोजगारोन्मुख और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था लागू करनी चाहिए. मेरा सपना शिक्षक बन कर पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा का उजाला फैलाना है, ताकि अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिले. अनिल मुंडा ने कहा कि नववर्ष 2026 में मेरा संकल्प है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचे. जागरूकता के अभाव में कई लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं. सही जानकारी देकर ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ना और उनका जीवन स्तर सुधारना मेरा लक्ष्य रहेगा. उमाशंकर मांझी ने कहा कि नशापान के कारण समाज में हो रही बर्बादी को रोज देखता हूं. नये वर्ष में नशापान के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया है. युवाओं को इससे होने वाले नुकसान समझाकर उन्हें सही मार्ग पर लाने का प्रयास करूंगा, ताकि समाज स्वस्थ और सशक्त बन सके. निशांत कुमार ने कहा कि आज के समय में किसी भी सेवा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य हो गयी है. नये वर्ष में ग्रामीण इलाकों के युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करूंगा. गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देकर युवाओं को सक्षम बनाना मेरा उद्देश्य है. प्रवीण तिर्की ने कहा कि नववर्ष में कठिन परिश्रम कर अपने लक्ष्य को हासिल करने का संकल्प लिया है. साथ ही क्षेत्र के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करूंगा. नशापान रोकथाम के लिए युवाओं को प्रेरित कर उनके जीवन को बेहतर दिशा देने का प्रयास करूंगा, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके. वर्ष 2025 की विदाई व नववर्ष 2026 के आगमन के साथ ही जिले के युवाओं में नयी उम्मीदे, नये सपने और नये संकल्प देखने को मिल रहे हैं. शिक्षा, रोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण और सामाजिक बदलाव को लेकर युवाओं ने झारखंड सरकार से कई अपेक्षाएं हैं. अलग-अलग प्रखंडों के छात्रों व युवाओं ने प्रभात खबर परिचर्चा में नववर्ष पर अपनी बातें रखीं. गोपाल कुमार (स्नातक सेमेस्टर- 3) ने कहा कि नये वर्ष को लेकर मेरे मन में बेहतर भविष्य की उम्मीद है. बीते कई वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिलने से पढ़ाई में परेशानी हो रही है. झारखंड सरकार से अपील है कि 2026 में राज्य के छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध करायी जाये, ताकि छात्र अपनी पढ़ाई की आवश्यकताएं पूरी कर सकें. अंकित कुमार (बीए सेमेस्टर- 1) ने कहा कि सिमडेगा राज्य का पिछड़ा जिला है. यहां के गरीब छात्र बाहर जाकर मेडिकल की पढ़ाई नहीं कर पाते. नये वर्ष में सरकार से मेरी मांग है कि सिमडेगा जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाये. इससे यहां के छात्रों को बेहतर अवसर मिलेगा और स्वास्थ्य सुविधाएं भी सुदृढ़ होंगी. सूरज बड़ाइक (स्नातक सेमेस्टर- 2) ने कहा कि कोलेबिरा प्रखंड में आइटीआइ भवन कई वर्षों से बन कर तैयार है. लेकिन अब तक पढ़ाई शुरू नहीं हो पायी है. इससे स्थानीय युवाओं को नुकसान हो रहा है. नववर्ष 2026 में सरकार से उम्मीद है कि आइटीआइ की पढ़ाई जल्द शुरू कर युवाओं को तकनीकी शिक्षा का लाभ दिया जायेगा. संगम साहू (इंटर एसके बागे कॉलेज) ने कहा कि नया साल नये संकल्प के साथ काम करने का अवसर है. मैं अपनी पढ़ाई को और बेहतर करूंगा और समाज सेवा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ूंगा. झारखंड सरकार से अपेक्षा है कि शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो, गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ें और सिमडेगा में आइटीआइ व मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो. गोवर्धन सिंह (संत दोमनिक इंटर कॉलेज) ने कहा कि नववर्ष में पढ़ाई के साथ सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया है. सरकार से आग्रह है कि युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाये. तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण संस्थान उपलब्ध कराये जाये, ताकि युवा स्वरोजगार और रोजगार से जुड़ कर राज्य को सशक्त बना सकें. सुनीत तिर्की (ठेठईटांगर) ने कहा कि नये वर्ष में आत्मविश्वास और जोश के साथ आगे बढ़ने का संकल्प है. अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप कार्य कर भविष्य उज्ज्वल बनाना चाहता हूं. झारखंड सरकार से मांग है कि युवाओं के पलायन को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किये जाये. मुकेश सिंह (बीसीए, एआइएमएल) ने कहा कि सरकार को विश्वविद्यालयों में पठन-पाठन, प्रयोगशाला और सत्र नियमित करने पर ध्यान देना चाहिए. सिमडेगा जैसे पिछड़े जिले में आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान स्थापित हो. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण से यहां के विद्यार्थी भी बड़े सपने देख कर बेहतर जीवन का निर्माण कर सकते हैं. शिवम कुमार द्विवेदी (बीए सेमेस्टर-1) ने कहा कि राज्य बने 25 वर्ष बीतने के बाद भी युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ रहा है. सरकार को रोजगारोन्मुख और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था लागू करनी चाहिए. मेरा सपना शिक्षक बन कर पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा का उजाला फैलाना है, ताकि अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिले. अनिल मुंडा ने कहा कि नववर्ष 2026 में मेरा संकल्प है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचे. जागरूकता के अभाव में कई लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं. सही जानकारी देकर ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ना और उनका जीवन स्तर सुधारना मेरा लक्ष्य रहेगा. उमाशंकर मांझी ने कहा कि नशापान के कारण समाज में हो रही बर्बादी को रोज देखता हूं. नये वर्ष में नशापान के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया है. युवाओं को इससे होने वाले नुकसान समझाकर उन्हें सही मार्ग पर लाने का प्रयास करूंगा, ताकि समाज स्वस्थ और सशक्त बन सके. निशांत कुमार ने कहा कि आज के समय में किसी भी सेवा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य हो गयी है. नये वर्ष में ग्रामीण इलाकों के युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करूंगा. गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देकर युवाओं को सक्षम बनाना मेरा उद्देश्य है. प्रवीण तिर्की ने कहा कि नववर्ष में कठिन परिश्रम कर अपने लक्ष्य को हासिल करने का संकल्प लिया है. साथ ही क्षेत्र के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करूंगा. नशापान रोकथाम के लिए युवाओं को प्रेरित कर उनके जीवन को बेहतर दिशा देने का प्रयास करूंगा, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके.
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