सिमडेगा. समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक हुई. बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जनहित से जुड़ी सभी योजनाओं व कार्यक्रमों को तय समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता व नियमित संवाद से ही योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंच सकता है. उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं, जनसुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं व विशेष अभियानों की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए समय-समय पर अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध करायें. वन प्रमंडल विभाग की समीक्षा के दौरान पथ निर्माण विभाग एवं आरइओ विभाग अंतर्गत लंबित फॉरेस्ट क्लीयरेंस मामलों पर चर्चा की गयी. उपायुक्त ने आपसी समन्वय स्थापित कर इन मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया. साथ ही हाथी प्रभावित क्षेत्रों में हाथी भगाने वाले सामग्री का ग्रामीणों के बीच वितरण सुनिश्चित करने व इसकी सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराने का निर्देश वन विभाग को दिया गया. भवन निर्माण विभाग की समीक्षा में आंगनबाड़ी केंद्रों समेत अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गयी. वहीं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के क्रम में बाबा साहेब आंबेडकर आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन आवास योजना तथा मुख्यमंत्री अबुआ आवास योजना समेत अन्य आवासीय योजनाओं पर चर्चा की गयी. पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि बसईन जलापूर्ति योजना में ड्रायरन का कार्य प्रगति पर है. विद्युत अधिष्ठापन एवं विद्युत आपूर्ति बहाल होने के बाद योजना को चालू किया जाना है. इस पर उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल को निर्देश दिया कि 26 जनवरी तक हर हाल में विद्युत आपूर्ति बहाल किया जाये. परियोजना निदेशक आइटीडीए एवं कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में शत-प्रतिशत बच्चों के बीच साइकिल वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड से एमओआइसी के माध्यम से कम से कम 10-10 पीड़ित मरीजों के आवेदन आर्थिक सहायता के लिए अनुशंसा के साथ कल्याण विभाग को भेजें. इसके अलावा सरना मासना घेराबंदी व धूमकुड़िया भवन निर्माण योजनाओं की समीक्षा करते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य पूरा करने पर जोर दिया गया. बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई. अतिवृष्टि, वज्रपात, डूबने की घटनाएं, सड़क दुर्घटना, ओलावृष्टि से फसल क्षति समेत अन्य आपदा संबंधी मामलों की रिपोर्टिंग व त्वरित निष्पादन के निर्देश दिये गये. पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान पशुओं के टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली गयी. वहीं मनरेगा अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिले में निर्माणाधीन 35 आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश उपायुक्त ने दिया. बैठक में परियोजना निदेशक आइटीडीए सरोज तिर्की, अपर समाहर्ता ज्ञानेंद्र, सिविल सर्जन डॉ सुंदर मोहन सामाद समेत सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी व संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
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