तामड़ा में हॉकी के साथ दिखी लोक संस्कृति की झलक, सोगड़ा पारिस ने जीता खिताब

तामड़ा पल्ली में सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा की मौजूदगी में हॉकी और सांस्कृतिक नाच प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. सोगड़ा पारिस ने हॉकी फाइनल जीता, जबकि सांस्कृतिक नाच में भी पहला स्थान हासिल किया. यह आयोजन स्थानीय प्रतिभा और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला रहा.

सिमडेगा. बीरू भिखारियेट के तामड़ा पल्ली में रविवार को बीरू भिखारियेट प्रथम हॉकी सह सांस्कृतिक नाच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में खेल के साथ स्थानीय संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा, विशिष्ट अतिथि डीन फादर हेरमन खलखो और जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा मौजूद थीं.

हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल में ट्राइब्रेकर में सोगड़ा पारिस ने बिंधाईतोली को 3-1 से हराया. वहीं सांस्कृतिक नाच प्रतियोगिता में सोगड़ा प्रथम, क्रूसकेला द्वितीय और तामड़ा पारिस तृतीय स्थान पर रहा. सभी विजेता और उपविजेता टीमों को विधायक ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया.

मौके पर विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि सिमडेगा की पहचान हॉकी से है और यहां की मिट्टी ने देश को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिये हैं. गांवों में आयोजित होने वाली ऐसी प्रतियोगिताएं स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं. खेल युवाओं को अनुशासन, मेहनत, टीम भावना और नेतृत्व की सीख देता है. उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति, गीत, संगीत और नृत्य हमारी पहचान हैं. आधुनिक दौर में भी युवाओं को अपनी परंपरा से जुड़े रहना चाहिए.

कार्यक्रम में पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी बीरेन्द्र लकड़ा, अलेक्सियुस लकड़ा, जयंत केरकेट्टा, निकोलस खलखो, जगन तोपनो, धर्मेंद्र गुप्ता और विनय मुंडू समेत कई लोग मौजूद थे. फादर पौलूस लकड़ा, फादर रंजित डुंगडुंग, फादर अलेक्सियुस किंडो, फादर प्रवीण, फादर अगुस्टीन, सिस्टर सरिता बेक, सिस्टर मंजू, लुसियन मिंज, जोसेफा सोरेंग, करमेला, दिव्या, संगीता, माइकेल खड़िया, राजेन कुल्लू, विधायक प्रतिनिधि शीतल एक्का, प्रदीप, समीर कीड़ो, किशोर, जॉन कुल्लू, निस्तौर सुरिन, उर्मिला केरकेट्टा, प्रतिमा कुजुर और रणजीता समेत अन्य उपस्थित थे.

संस्कृति को बचाने की जिम्मेदारी सभी की : फादर हेरमन

डीन फादर हेरमन खलखो ने कहा कि खेल और संस्कृति समाज को जोड़ने का काम करते हैं. युवाओं को अपनी प्रतिभा के साथ अपनी भाषा, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ाना चाहिए. उन्होंने आयोजन समिति को इस तरह के कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन गांवों में नयी ऊर्जा पैदा करते हैं.

खेल के साथ संस्कृति को भी मिले बढ़ावा : जोसिमा खाखा

जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि सिमडेगा के युवाओं में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. जरूरत है कि उन्हें गांव स्तर पर ही बेहतर मंच और अवसर मिले. उन्होंने कहा कि हॉकी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का बेहतर माध्यम है. उन्होंने खिलाड़ियों और कलाकारों का उत्साह बढ़ाते हुए आयोजन की सफलता की शुभकामनाएं दीं.

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By Ravikant

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