सिमडेगा. केरसई, जलडेगा व बोलबा में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम, पेसा कानून नियमावली व एसआइआर पर एकदिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया. बोलबा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष सह सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा, कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी और महिला जिलाध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा उपस्थित थी. विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि कांग्रेस आज भी गरीब, मजदूर व आदिवासी समाज के हक की लड़ाई उसी साहस के साथ लड़ रही है, जैसी परंपरा इंदिरा गांधी ने स्थापित की थी. भूषण बाड़ा ने कहा कि आज सरकार योजनाएं नहीं चला रही, बल्कि गरीबों के अधिकारों का गला घोंट रही है. मनरेगा को कमजोर करना मजदूरों को भूखा रखने की साजिश है और उनके साथ खुला धोखा है. उन्होंने कहा कि जो सरकार जनता के हक व अधिकार छीन रही है, वह लोकतांत्रिक नहीं हो सकती. भूषण बाड़ा ने कहा कि अगर मनरेगा व गरीब जनता के हक के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन को और तेज करेगी.
आदिवासी अधिकारों पर हो रहा है हमला : विक्सल
विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां गरीब, मजदूर व आदिवासी समाज के खिलाफ हैं. मनरेगा को जान-बूझ कर निष्क्रिय बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, मजदूरों के सम्मान का सवाल है. लेकिन आज न काम मिल रहा है और न समय पर मजदूरी. यह गरीबों को पलायन के लिए मजबूर करने की साजिश है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी नीति के खिलाफ संघर्ष करेगी और जनता के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी.महिलाओं को हाशिये पर धकेल रही भाजपा : जोसिमा
महिला जिलाध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि भाजपा सरकार विकास के झूठे आंकड़े पेश कर रही है, जबकि गांवों की महिलाएं केंद्र सरकार की गलत नीति के कारण आज भी काम, मजदूरी व सम्मान के लिए भटक रही हैं. कहा कि मनरेगा में काम नहीं, मजदूरों को उनका अधिकार नहीं, तो आखिर सरकार किसके लिए काम कर रही है. महिलाओं, आदिवासियों व गरीबों को हाशिये पर धकेला जा रहा है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि हर पंचायत में केंद्र सरकार की नाकामी को उजागर करें. यह सिर्फ संगठन की नहीं, अस्तित्व की लड़ाई है.
