सिमडेगा: बांसजोर ओपी क्षेत्र के तरगा गांव स्थित मोगदा ढाबा में लूटपाट, मारपीट और पुलिस पर हमले के मामले में पुलिस को एक और सफलता मिली है. इस मामले में फरार चल रहे आरोपी धाधी नायक को सोमवार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इसके साथ ही इस कांड में अब तक गिरफ्तार अभियुक्तों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है.
पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर तत्कालीन बांसजोर ओपी प्रभारी विनय कुमार पुलिस बल के साथ मोगदा ढाबा पहुंचे थे. मौके पर ढाबा पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिला, जबकि ढाबा संचालक सुखजींदर सिंह और उनके स्टाफ परगट सिंह घायल अवस्था में थे. पुलिस दोनों घायलों को भीड़ से बचाकर इलाज के लिए ले जाने का प्रयास कर रही थी. इसी दौरान उपद्रवियों ने उग्र होकर ओपी प्रभारी को बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की. आरोप है कि इस दौरान उनका पर्स और सरकारी मोबाइल फोन भी छीन लिया गया तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई.
घटना की सूचना मिलने के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समेत जिले के कई थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ओपी प्रभारी, ढाबा संचालक और उनके स्टाफ को उपद्रवियों के चंगुल से मुक्त कराया. इस मामले में तत्कालीन ओपी प्रभारी के बयान पर बांसजोर ओपी में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. नामजद आरोपियों में विशाल नायक, पवन नायक, निशा बड़ाइक, संजू सोनार, अजीत नायक, सचिन नायक, सिकंदर नायक, अजय नायक, जसमती देवी, सुरमती देवी, सोनू नायक, मोनू नायक और अनुज नायक समेत 20 से 25 अन्य पुरुषों और महिलाओं को आरोपी बनाया गया है.
आरोपियों पर पुलिसकर्मियों को बंधक बनाने, मारपीट करने, सरकारी मोबाइल और नकदी छीनने, जबरन तलवार पकड़ाकर वीडियो बनाने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने बताया कि अनुसंधान के दौरान पहले ही 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था. सोमवार को फरार आरोपी धाधी नायक (पिता- स्व. रामचरण नायक), निवासी पतरापाली, तरगा को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
