सिमडेगा : सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था के कारण गुरुवार को एक नवजात बच्ची की मौत हो गयी. बच्ची के पिता एंबुलेंस के लिए इधर-उधर भटकते रहे, किंतु एंबुलेंस नहीं मिली. नतीजा नवजात बच्ची की मौत हो गयी.
जानकारी के मुताबिक, पाकरटांड़ प्रखंड के सोगड़ा निवासी रोशन तिर्की अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर प्रसव के लिए सदर अस्पताल दिन के करीब 6:30 बजे आये थे. करीब आठ बजे उनकी पत्नी ने जुड़वा बच्ची को जन्म दिया. चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि दोनों बच्ची स्वस्थ है, किंतु करीब 10 बजे पिता रोशन तिर्की ने चिकित्सकों को बताया कि एक बच्ची दूध नहीं पी रही है. सूचना पर चिकित्सक वहां पहुंचे और बच्ची की फिर से जांच की. जांच के बाद चिकित्सक ने कहा कि बच्ची कमजोर है,
रिम्स रेफर करना होगा. अपराह्न लगभग तीन बजे रिम्स, रांची रेफर किया गया. इसके बाद रोशन तिर्की एंबुलेंस के लिए भटकने लगे, किंतु एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी. एंबुलेंस इंचार्ज अनुपस्थित था. फोन पर संपर्क करने पर भी एंबुलेंस इंचार्ज से संपर्क नहीं हो पाया. इसी बीच करीब 4:30 बजे एक बच्ची की मौत हो गयी.
मां ने जुड़वां बच्ची को दिया था जन्म
रेफर के कागज बनाने में लगे पांच घंटे, एंबुलेंस के िलए भटकते रहे िपता
चिकित्सकों ने सुबह 10 बजे ही कह दिया था कि बच्ची की स्थिति ठीक नहीं है. इसे रिम्स रेफर करना होगा, किंतु रिम्स रेफर करने में पांच घंटे लग गये. बच्ची के पिता को अपराह्न तीन बजे रिम्स रेफर के कागजात दिये गये. इसके बाद से ही वह एंबुलेंस के लिए इधर-उधर भटक रहे थे. इसी बीच एक बच्ची की मौत हो गयी.
दूसरी बच्ची को भेजा गया रिम्स
एक बच्ची की मौत के बाद सदर अस्पताल में अफरा तफरी मच गयी. पूरा अस्पताल प्रशासन एंबुलेंस की व्यवस्था में जुट गया, फिर भी एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पायी. विवश होकर आकस्मिक सेवा के लिए उपलब्ध 108 एंबुलेंस में बच्ची को रिम्स भेजा गया.
मृत बच्ची को लेेकर पिता गये गांव
एंबुलेंस की व्यवस्था होने के बाद दूसरी बच्ची को उसकी मां के साथ रिम्स, रांची भेजा गया. वहीं बच्ची के पिता नम आंखों के साथ मृत बच्ची को लेकर गांव गये, जहां उसका अंतिम संस्कार किया जायेगा.
लापरवाह कर्मियों पर होगी कार्रवाई: सीएस
सिविल सर्जन डॉ एजाज अशरफ ने कहा है कि लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि इस घटना की वह जांच करेंगे और जांच के बाद कार्रवाई करेंगे.
